पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते विवादित होर्डिंग्स मंगलवार को कैंट क्षेत्र में सामने आने के बाद शाहजहांपुर का राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस घटनाक्रम के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
सदर बाजार क्षेत्र के कई प्रमुख स्थानों पर लगे इन होर्डिंग्स में श्री यादव को “महिला विरोधी” दर्शाते हुए समाजवादी पार्टी शासनकाल में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने के आरोप लगाए गए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ बैनर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के पोस्टरों के ऊपर चस्पा किए गए थे।
होर्डिंग्स में कहीं श्री यादव को समाजवादी पार्टी की पहचान लाल टोपी पहने दिखाया गया, तो कुछ में उन्हें धार्मिक टोपी में दर्शाया गया, जिस पर पार्टी पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई। इन बैनरों पर “नारी का अपमान, सत्ता अभिमान” जैसे नारे लिखे गए थे और पूर्ववर्ती सपा सरकार को महिलाओं की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था के मुद्दों के प्रति असंवेदनशील बताने का प्रयास किया गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और होर्डिंग्स फाड़ दिए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह पार्टी नेतृत्व की छवि धूमिल करने और जिले का राजनीतिक माहौल खराब करने की सुनियोजित साजिश है। कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते देख जिले का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और होर्डिंग्स लगाने वालों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है।









