पाकिस्तानी आतंकवाद पर आंखें मूंद रहा अमेरिका, इससे भारत में नाराजगी

Spread the love

पाकिस्तान से उत्पन्न हो रहा आतंकवाद, भारत के लिए लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। अब एक अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तानी आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इसे लेकर भारत में निराशा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका को कश्मीर पर नई दिल्ली की रेड लाइंस का सम्मान करना चाहिए और तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से बचना चाहिए।

 

अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में अहम दावा
इस सप्ताह थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी’ द्वारा जारी एक पॉलिसी पेपर में चेतावनी दी गई है कि प्रमुख क्षेत्रों में जारी सहयोग के बावजूद वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच गहरा रणनीतिक अविश्वास अब भी संबंधों पर असर डाल रहा है। ‘रिपेयरिंग द ब्रीच: गेटिंग यूएस-इंडिया टाइज बैक ऑन ट्रैक’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में दोनों देशों के संबंधों में पैदा हुआ तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और संबंधों को सुधारने में समय लगेगा।

लिसा कर्टिस, कीर्ति मार्टिन और सितारा गुप्ता द्वारा लिखित इस रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत-अमेरिका संबंध गंभीर रूप से डगमगा गए थे। इसके पीछे भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम को लेकर मतभेद और भारतीय सामान पर अमेरिका द्वारा लगाया गया भारी-भरकम टैरिफ जैसे मुद्दे शामिल थे।

व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति से फिर से पटरी पर लौटे संबंध
रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2026 में अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनने से दोनों देशों के संबंध फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की गई है, लेकिन विश्वास बहाली के लिए लगातार प्रयास करने जरूरी होंगे। रिपोर्ट में जोर देकर कहा गया है कि भारत और अमेरिका के आर्थिक, रक्षा और प्रौद्योगिकी संबंध भले ही मजबूत बने हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर मतभेद अभी भी मूलभूत बने हुए हैं।

पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकवाद को लेकर भारत निराश
रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली, पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकवाद पर अमेरिका द्वारा ध्यान न दिए जाने से निराश है। रिपोर्ट में कश्मीर मुद्दे पर किसी भी बाहरी हस्तक्षेप के प्रति भारत के लंबे समय से चले आ रहे विरोध को भी फोकस किया गया है। इसमें चेतावनी दी गई है कि अमेरिका की ओर से मध्यस्थता के संकेत देने वाले बयान आपसी विश्वास को और नुकसान पहुंचा सकते हैं। संबंधों को सुधारने के लिए रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि अमेरिका को भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद में मध्यस्थता की बात करने से बचना चाहिए और आपसी सहमति वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

और पढ़े  अमेरिका- लुइसियाना में घरेलू कलह के चलते हुई गोलीबारी, 8 बच्चों की दर्दनाक मौत

दोनों देश रक्षा सहयोग को कर रहे लगातार मजबूत

  • हालांकि, रिपोर्ट में रक्षा सहयोग में तेजी से आ रही मजबूती का भी उल्लेख किया है। भारत और अमेरिका ने पिछले वर्ष 10 वर्षीय रक्षा ढांचा समझौते का नवीनीकरण किया, जिसमें खुफिया जानकारी साझा करना, समुद्री सुरक्षा और रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग शामिल है।
  • आर्थिक संबंधों में भी सुधार के संकेत मिले हैं। इस वर्ष की शुरुआत में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते में टैरिफ में कमी और प्रमुख क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाने की प्रतिबद्धता शामिल है।
  • रिपोर्ट में ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, फार्मास्यूटिकल्स और उन्नत प्रौद्योगिकियों—जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेमीकंडक्टर को आपसी सहयोग के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र बताया गया है।
  • इसमें कहा गया है कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत के सुधार और महत्वपूर्ण खनिजों में निवेश, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाने की दिशा में दोनों देश काम कर रहे हैं, खासकर तब जब दोनों देश चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • साथ ही, भारत की डिजिटल अवसंरचना और डेटा सेंटर में अमेरिका का निवेश दीर्घकालिक तकनीकी परस्पर निर्भरता को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।

रिपोर्ट में क्या दी गई है चेतावनी?
हालांकि, रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि जब तक राजनीतिक अविश्वास को दूर नहीं किया जाता, तब तक इन उपलब्धियों पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में आतंकवाद-रोधी सहयोग पर नए सिरे से ध्यान देने की जरूरत बताई गई है, जिसमें आतंक के वित्तपोषण को रोकना और वैश्विक मंचों पर समन्वय बढ़ाना शामिल है। अंत में रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, हिंद प्रशांत क्षेत्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा, क्षेत्रीय शक्ति संतुलन तय करने में अहम होगी। रिपोर्ट के अनुसार, इस साझेदारी की गुणवत्ता यह तय करेगी कि क्षेत्र में शक्ति संतुलन बना रहेगा या चीन प्रमुख ताकत के रूप में उभरेगा।

और पढ़े  आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी,महिला आरक्षण के मुद्दे पर रख सकते हैं बात

Spread the love
  • Related Posts

    होर्मुज में बिगड़े हालात: ईरानी सेना ने भारत आ रहे इस जहाज को बनाया बंधक, 3 पर की गोलीबारी

    Spread the love

    Spread the loveदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर बारूद की गंध फैल गई है। बुधवार को ईरानी सेना ने अंतरराष्ट्रीय जलसीमा से गुजर रहे…


    Spread the love

    Weather- दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में लू के थपेड़े, पूर्वोत्तर में बारिश का अलर्ट

    Spread the love

    Spread the loveउत्तर-पश्चिम भारत में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में लू का असर साफ दिख रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार,…


    Spread the love