नैनीताल:-सैलानियों के आकर्षण का केंद्र नैनीझील का 4 फीट कम हुआ जल स्तर, ये रही वजह।

Spread the love

कम बारिश और ओलावृष्टि न होने से नैनीझील के जलस्तर पर भी प्रतिकूल असर दिखाई दे रहा है। 2022 वर्ष के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर को नैनीझील का जलस्तर अपने उच्चतम मानक से करीब चार फीट नीचे है। बीते वर्ष 31 दिसंबर को नौ फीट सात इंच के जलस्तर के सापेक्ष डेढ़ फीट कम है।नैनीझील यहां आने वाले सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहती है। बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी इसके मुख्य स्रोत हैं। इसके अलावा इनसे उत्पन्न प्राकृतिक जल स्रोतों से ही झील को पानी मिलता है। यूं तो झील की गहराई करीब 26 मीटर हैं लेकिन ब्रिटिश शासन के दौर से यहां झील के निकासी द्वार के पास लगे 12 फीट के मानक को इसका उच्चतम स्तर माना गया है। 12 फीट की तलहटी को शून्य स्तर माना जाता है, क्योंकि इसके बाद निकासी स्वयं समाप्त हो जाती है।

नैनीझील के भूमिगत जल स्रोत में लगे ट्यूबवेल के माध्यम से नगर को पानी की आपूर्ति की जाती है। नगर की 8 एमएलडी की जरूरत पीक सीजन में 16 एमएलडी या कुछ अधिक पहुंच जाती है। नगर को जलापूर्ति के बाद नैनीझील के जलस्तर में प्रतिदिन आधा इंच, जबकि ग्रीष्म सीजन में एक से डेढ़ इंच की कमी हो जाती है।


Spread the love
और पढ़े  चार दिन बाद झमाझम बरसे बदरा; गर्मी से मिली राहत, देहरादून और कुमाऊं के कई जिलों में यलो अलर्ट
  • Related Posts

    आना मना है: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नहीं होगी कांवड़ यात्रा, जरूरी इंतजाम करने के लिए राज्यों में सहमति

    Spread the love

    Spread the loveकुछ ही दिनों में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शुक्रवार को घोषणा की कि कांवड़ यात्रियों के लिए…


    Spread the love

    देहरादून : अग्निवीरों के लिए बनेगी स्पेशल सेल, 4 साल की सेवा के बाद रोजगार की जिम्मेदारी उठाएगी सरकार

    Spread the love

    Spread the loveधामी सरकार चार साल की सेवा के बाद रिटायर हो रहे अग्निवीरों के लिए विशेष सेल का गठन करेगी। इस सेल के जरिये राज्य के सभी पूर्व अग्निवीरों…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *