देहरादून- दालचीनी की व्यावसायिक खेती के तरीके बताएंगे वैज्ञानिक, 11-12 जून को होगा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार

उत्तराखंड में दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए श्रीलंका, इंडोनेशिया सहित देश के विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक तरीके बताएंगे। पहली बार परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान सेलाकुई (सगंध पौधा केंद्र) में गुरुवार से दालचीनी की खेती पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा।

बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता में कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए महक क्रांति नीति लागू की है। बीते दो दशक में अनुसंधान व एरोमा के कृषिकरण से कारोबार 100 करोड़ तक पहुंच गया है। 2003 में उत्तराखंड का कुल टर्नओवर दो करोड़ था। वर्तमान में 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर 91 हजार किसान सगंध खेती कर रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में सात एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं। चंपावत व नैनीताल जिले में 5200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिनेमन वैली विकसित होने से किसानों, उद्यमियों व उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

 

पहली बार 11 व 12 जून को दालचीनी की खेती के लिए अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। नेशनल सिनेमन रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर श्रीलंका, रिसर्च सेंटर फॉर एस्टेट क्रॉप्स इंडोनेशिया के विशेषज्ञ नर्सरी, कृषिकरण की जानकारी देंगे। इसके अलावा भारतीय मसाला बोर्ड, भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान केरल, केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान अंडमान निकोबार, केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान लखनऊ, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली के विशेषज्ञ छह अलग-अलग सत्रों में दालचीनी की उपयोगिता व खेती के बारे में जानकारी देंगे। इस मौके पर परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान मौजूद रहे।

और पढ़े  हरिद्वार: वाहन लूट के मामले में फरार 5000 का इनामी आरोपी गिरफ्तार, तमंचे के बल पर लूटी थी बाइक और मोबाइल
  • Related Posts

    नैनीताल: पोषण की कम़ी से नहीं बढ़ रही नौनिहालों की लंबाई, आंगनबाड़ी के बच्चों की लंबाई-वजन पर चिंता

    नैनीताल जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के शारीरिक विकास के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त की पोषण ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, पांच वर्ष तक के 44,224 बच्चों की…

    चमोली: हेमकुंड साहिब के बाद शीतकाल के लिए बंद हुए लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट, हुई बर्फबारी

    हेमकुंड साहिब के बाद आज नवरात्रि के पावन अवसर पर लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाली के लिए बंद हो गए हैं। सुबह 7.15 मिनट पर मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ…