राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव 2025 के लिए मंगलवार सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। कुल 268 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाता बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। शाम छह बजे तक 80.32% वोट पड़े हैं। शाम पांच बजे तक 77.17% मतदान दर्ज किया गया था, जबकि दोपहर 3 बजे तक 64.68 प्रतिशत मतदान हो गया था। ऐसे में अंतिम आंकड़े आने के बाद पता चल पाएगा कि पिछली बार की तरह इस बार भी रिकॉर्ड वोटिंग हुई या नहीं। मतदान केंद्रों पर महिलाओं, बुजुर्गों और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। कुल 227264 में से 183171 वोट पड़े।
मतदान प्रक्रिया और प्रशासनिक तैयारियां
त्रिकोणीय मुकाबले में गरमाया चुनावी माहौल
अंता उपचुनाव इस बार एक त्रिकोणीय मुकाबला बन गया है। भाजपा ने मोरपाल सुमन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रमोद जैन भाया पर भरोसा जताया है। वहीं, निर्दलीय नरेश मीणा को आरएलपी और आम आदमी पार्टी का समर्थन प्राप्त है। तीनों उम्मीदवारों ने प्रचार के आखिरी दिन तक रोड शो, सभाएं और जनसंपर्क कर मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की।
मतदान से पहले भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन ने अपने गांव तिसाया पहुंचकर मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर मतदान केंद्र पर जाकर वोट डाला। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ जैसे नेताओं ने प्रचार संभाला। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली जैसे वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा।
मतदान केंद्रों पर तकनीकी खामियां और प्रशासन की मुस्तैदी
इसी तरह बूथ संख्या 209 पर वीवीपैट मशीन में तकनीकी गड़बड़ी के चलते मतदान करीब 20 मिनट के लिए ठप हो गया। हालांकि प्रशासनिक टीमों ने तुरंत नई मशीनें भेजकर मतदान प्रक्रिया को दोबारा शुरू करवाया।
साकली गांव ने किया मतदान का बहिष्कार
अंता विधानसभा क्षेत्र के साकली गांव में 736 मतदाताओं ने उपचुनाव का बहिष्कार कर दिया। लोगों ने मतदान न करने का निर्णय स्थानीय मुद्दों के समाधान न होने के विरोध में लिया है। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन की एक टीम गांव में पहुंची और ग्रामीणों को मतदान के लिए समझाने का प्रयास किया। वहीं, अंता विधानसभा उपचुनाव में मतदान का बहिष्कार कर रहे सांकली गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा भी पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं का उत्साह
मतदान केंद्रों पर जहां युवाओं में उत्साह दिखा, वहीं बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता भी पीछे नहीं रहे। प्रशासन की ओर से विशेष इंतजामों के तहत बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर और वॉलंटियर की व्यवस्था की गई है।कई मतदान केंद्रों पर 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने पहुंचे, जिससे लोकतंत्र के प्रति जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण देखने को मिला।
रिकॉर्ड तोड़ मतदान की उम्मीद?
भाजपा नेता कंवरलाल मीणा के कारण अंता में हो रहा उपचुनाव
यह उपचुनाव पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द होने के बाद कराया जा रहा है। मीणा को 20 साल पुराने एक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से सजा मिलने पर विधानसभा ने मई 2025 में उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के 2013 के ‘लिली थॉमस बनाम भारत संघ’ मामले में दिए गए फैसले के अनुसार, दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर कोई भी जनप्रतिनिधि स्वतः अयोग्य हो जाता है। इस कानून के तहत ही अंता सीट रिक्त घोषित की गई।
268 केंद्रों पर कुल 2.28 लाख मतदाता करेंगे मतदान
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
मतदान प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह चौकस है। 12 क्विक रेस्पॉन्स टीम, 43 मोबाइल पार्टियां, 43 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 12 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारी, 12 एरिया मजिस्ट्रेट, 4 वरिष्ठ पुलिस पर्यवेक्षक और 4 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी रखे हुए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में 13 अंतरराज्यीय और 5 अंतरजिला नाके सक्रिय रखे गए हैं, जहां सशस्त्र बलों की मदद से निरंतर जांच जारी है।
शस्त्र जमा और निरोधात्मक कार्रवाई से बना भयमुक्त माहौल
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को भयमुक्त वातावरण देने के लिए अब तक 4,262 शस्त्र जमा करवाए हैं। नाकाबंदी के दौरान 8 अवैध हथियार और 5 कारतूस जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 1,134 व्यक्तियों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई और 2,716 लोगों को मुचलकों पर पाबंद किया गया है। प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
21 करोड़ से अधिक की जब्ती और सख्त निगरानी
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 21.21 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की गई है। इसमें 19.27 लाख रुपये की अवैध शराब, 35.46 लाख रुपये के नशीले पदार्थ, 20.55 करोड़ रुपये की फ्रीबीज व अन्य सामग्री और 11.34 लाख रुपये नकदी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सख्त निगरानी और कार्रवाई के कारण इस बार चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता: पांच ग्रीन मतदान केंद्र
इस बार निर्वाचन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए 5 ग्रीन मतदान केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रखा गया है। यहां पेयजल, छाया, रैंप और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा की व्यवस्था की गई है, ताकि हर मतदाता आराम से मतदान कर सके।








