फिलिपींस- तेज भूकंप में 200 से अधिक घायल,पलभर में ढही इमारतें, 4 की मौत

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फिलीपींस में सोमवार को आए 8.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप के पास आए इस भूकंप के बाद कई इमारतें ढह गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में इमारतों को गिरते और लोग जान बचाकर भागते दिखाई दिए। भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट भी जारी कर दिया गया।

 

भूकंप के बाद लोगों में मच गई भगदड़

भूकंप के तेज झटकों के बाद लोग घरों, स्कूलों और अस्पतालों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। कई स्कूल और यूनिवर्सिटी भवनों को नुकसान पहुंचा है। वायरल वीडियो में देखा गया कि एक स्कूल परिसर के बाहर छात्र खुले मैदान में खड़े थे, तभी पीछे की इमारत का हिस्सा भरभराकर गिर गया। अस्पतालों में मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। प्रशासन ने लोगों को समुद्र किनारे वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

सुनामी का खतरा भी बढ़ा

प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने फिलीपींस के कुछ तटीय इलाकों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई।

इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ हिस्सों में भी एक मीटर तक की लहरों की चेतावनी जारी की गई।

भूकंप समुद्र के भीतर करीब 10 किलोमीटर की गहराई में आया था, इसलिए सुनामी का खतरा गंभीर माना गया।

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कई तटीय इलाकों में अलर्ट सायरन बजाए गए और लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया।

प्रशासन ने कहा कि फिलहाल खतरा पूरी तरह से टला नहीं है, हम अलर्ट पर रहना होगा।

 

 

राहत और बचाव अभियान लगातार जारी

पुलिस, सेना और राहत एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। जनरल सैंटोस सिटी पुलिस के अधिकारी रॉबर्ट डैगन ने बताया कि कई इमारतें और मकान गिर गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी नुकसान का पूरा आंकड़ा सामने नहीं आया है क्योंकि बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। कई लोग मलबे में फंसे होने की आशंका है। सरंगानी प्रांत के अलाबेल शहर में पुलिस स्टेशन की दीवारों में दरारें पड़ गईं। कई सड़कों पर दरारें आने से राहत कार्य में दिक्कतें भी सामने आईं।

 

 

क्या आफ्टरशॉक ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी?

मुख्य भूकंप के कुछ घंटों बाद 6.1 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी दर्ज किया गया। इसके बाद लोग घरों में लौटने से डरने लगे। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से खुले मैदानों और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की। कई परिवार रातभर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। प्रशासन ने स्कूलों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है ताकि किसी और हादसे से बचा जा सके।

क्या फिलीपींस पहले भी ऐसे बड़े भूकंप झेल चुका है?

फिलीपींस प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित इलाकों में गिना जाता है। यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का भूकंप हाल के वर्षों के सबसे खतरनाक झटकों में शामिल है। सरकार ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और पुनर्वास का काम शुरू कर दिया गया है।

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क्या आफ्टरशॉक ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी?

मुख्य भूकंप के कुछ घंटों बाद 6.1 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी दर्ज किया गया। इसके बाद लोग घरों में लौटने से डरने लगे। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से खुले मैदानों और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की। कई परिवार रातभर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। प्रशासन ने स्कूलों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है ताकि किसी और हादसे से बचा जा सके।

क्या फिलीपींस पहले भी ऐसे बड़े भूकंप झेल चुका है?

फिलीपींस प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित इलाकों में गिना जाता है। यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का भूकंप हाल के वर्षों के सबसे खतरनाक झटकों में शामिल है। सरकार ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और पुनर्वास का काम शुरू कर दिया गया है।


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