जॉनसन एंड जॉनसन: बेबी पाउडर से हो गई मौत, जॉनसन एंड जॉनसन को देना होगा 8,500 करोड़ का मुआवजा

Spread the love

मेरिका में लॉस एंजिलिस की अदालत ने जॉनसन एंड जॉनसन को मेसोथेलियोमा कैंसर से मरने वाली एक महिला के परिवार को 8,500 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। अदालत ने कंपनी को महिला की मौत के लिए उत्तरदायी ठहराते हुए यह जुर्माना लगाया। परिजनों ने दावा किया था कि महिला ने जिंदगी भर कंपनी के बेबी पाउडर इस्तेमाल किया। इसके चलते उन्हें कैंसर हुआ।

जूरी ने फैसले में माना, जॉनसन एंड जॉनसन ही महिला मे मूर को हुए कैंसर के लिए जिम्मेदार है। यह एस्बेस्टस से जुड़ा है। जूरी ने मुआवजे के रूप में करीब 140 करोड़ रुपये और सजा के तौर पर 8,360 करोड़ रुपये परिवार को देने का आदेश दिया। मूर का 2021 में 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। परिवार का आरोप था, कंपनी ने पाउडर में कैंसर के जोखिमों को स्पष्ट न कर धोखा दिया। परिवार की वकील जेसिका डीन ने कहा, हमें अदालत में पक्ष साबित करने में पांच साल लगे। मूर ने इस बेबी पाउडर के साथ शावर-टू-शॉवर का पाउडर भी करीब 80 साल तक उपयोग किया था। कंपनी ने 2012 में शावर-टू-शॉवर को वैलेंट फार्मा को 15 करोड़ डॉलर में बेच दिया था।
कंपनी फैसले को देगी चुनौती
जॉनसन एंड जॉनसन के वैश्विक कानूनी मामले संभालने वाले एरिक हास ने कहा कि हम इस गंभीर फैसले के खिलाफ तुरंत अपील करेंगे। यह फैसला ज्यादातर बेबी पाउडर मामलों से बिल्कुल विरोधाभासी है, जिनमें कंपनी ने जीत हासिल की है।

कंपनी पर हजारों मुकदमे 3 अरब डॉलर किए खर्च
कंपनी ने बेबी पाउडर में मौजूद एस्बेस्टस से मुकदमों से निपटने में 3 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च किए हैं। फिर भी कंपनी पर 70,000 से ज्यादा ऐसे मुकदमे लंबित हैं, जिनमें आरोप है कि इसके कारण मेसोथेलियोमा व डिम्बग्रंथि के कैंसर हुए हैं।कंपनी ने इस पाउडर को 2023 में दुनियाभर के बाजारों से वापस ले लिया था। उसने इनसे निपटने के लिए दिवालियापन अदालतों का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन उसकी कोशिश तीन बार असफल हो गई है।

और पढ़े  अमेरिका के आयोवा में अंधाधुंध गोलीबारी, 7 लोगों की मौत, पुलिस बोली- घरेलू कलह में नरसंहार

Spread the love
  • Related Posts

    त्विषा शर्मा केस:- गिरिबाला सिंह की वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोप में डिप्टी जेलर हटाई गईं

    Spread the love

    Spread the loveराजधानी भोपाल के हाई-प्रोफाइल त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) गिरिबाला सिंह को कथित रूप से वीआईपी ट्रीटमेंट दिए…


    Spread the love

    आधार कार्ड- डीएक्टिवेट हो सकता है 15 से 17 साल के बच्चों का आधार कार्ड, करें ये जरूरी काम

    Spread the love

    Spread the loveआधार कार्ड धारकों की लापरवाही अब उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। 5 से 7 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट नहीं…


    Spread the love