आज के इस समय में लोग कैश से अधिक यूपीआई एप के जरिए पेमेंट करते हैं। इसमें न तो कैश रखने की झंझट होती है और न ही खुल्ले पैसों की।
वहीं, लोकसभा में ‘कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026’ पास हुआ है जिससे यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने का रास्ता खुल गया है। तो चलिए आसान शब्दों में ये समझते हैं कि आखिर ये बिल क्या है और क्या सच में यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगने वाला है।
क्या है लोकसभा से पास हुए UPI बिल का मतलब?
- दरअसल, लोकसभा से ‘कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026’ पास हुआ है जिसके तहत सरकार के पास UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने का रास्ता खुल गया है
- हालांकि, इसका ये मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि मौजूदा समय में आप यूपीआई से पेमेंटे करेंगे और इस पर चार्ज लगेगा क्योंकि फिलहाल यूपीआई पहले की तरह ही फ्री है
क्या UPI ट्रांजेक्शन पर लगने लगा है अतिरिक्त चार्ज?
- अगर आपको लग रहा है कि मौजूदा समय में UPI से पेमेंट करने पर कोई चार्ज लगने लगा है, तो ये गलत है
- सरकार ने किसी भी तरह का कोई नया चार्ज लागू नहीं किया है और UPI से पेमेंट करना फ्री है
- हां, इस बिल के पास होने से ये जरूर हुआ है कि आगे चलकर भविष्य में सरकार ये तय कर सकेगी कि किन डिजिटल पेमेंट पर एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाया जाए और किन पर नहीं
क्या होता है मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR?
- एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वो शुल्क है जो किसी डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने के बदले बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को मिलता है
- ऐसे में अब सरकार ये तय कर सकती है कि किन डिजिटल पेमेंट पर ये शुल्क लगाना है और किन पर नहीं
क्यों हुआ है ये बदलाव?
- इस बदलाव को लेकर सरकार की मानें तो डिजिटल पेमेंट सिस्टम तेजी से बढ़ रहा है
- इससे पेमेंट कंपनियों और बैंक को इस सिस्टम को चलाने और इसे बेहतर बनाने में अधिक खर्च करना पड़ रहा है यानी उनकी लागत बढ़ रही है
- ऐसे में नए नियम ये ये तय किया जा सकेगा कि किन पर MDR शुल्क लगा सकते हैं और किन पेमेंट पर नहीं
- सरकार की तरफे से अभी किसी भी तरह के UPI ट्रांजेक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगाया गाय है
- पर हो सकता है कि कुछ खास तरह के या बड़े पेमेंट पर ये MDR शुल्क लगे जबकि, आम लोगों के लिए UPI पर कोई शुल्क न लगे
- हालांकि, ये फैसला सरकार को लेना है






