चमोली: केंद्रीय टीम ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली का निरीक्षण, कई क्षेत्रों में एरियल सर्वे भी 

Spread the love

 

सोमवार को केंद्र सरकार की अंतर मंत्रालय की टीम के सदस्यों ने आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने चमोली जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्र चेपडो,नंदा नगर, कर्णप्रयाग और जोशीमठ क्षेत्र का एरियल सर्वे भी किया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज कुलसारी में आपदा से हुए नुकसान का आकलन किया।

जिला अधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए चमोली जिले में हुई अतिवृष्टि और आपदा की विस्तृत रिपोर्ट टीम के सदस्यों के सामने प्रस्तुत की। उन्होंने थराली, चेपडो और नंदानगर में हुए नुकसान और सरकारी परिसंपत्तियों की क्षति के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की।

 

उन्होंने बताया कि आपदा से चमोली जिले में 115 करोड़ से अधिक की क्षति हुई है। उन्होंने विभिन्न विभाग बार परिसंपत्तियों के नुकसान का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। बताया कि सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई की सड़कों का हुआ है। हालांकि थराली में आपदा में जान की अधिक क्षति नहीं हुई है। एक युवती की मृत्यु और एक व्यक्ति लापता है। लेकिन कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए हैं। साथ ही 50 से अधिक दुकानों के क्षतिग्रस्त होने से लोगों के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।


Spread the love
और पढ़े  हेमकुंड साहिब- 10 अक्तूबर को बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, इस वर्ष रिकॉर्ड श्रदालुओं ने टेका मत्था
  • Related Posts

    चमोली सुरंग भूस्खलन- चमोली सुरंग हादसे में राहत और बचाव कार्य जारी, घटनास्थल पर पहुंचे CM धामी,मृतकों के लिए चार-चार लाख देने की घोषणा

    Spread the love

    Spread the loveविष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से वहां काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए थे। इसमें…


    Spread the love

    चमोली टनल भूस्खलन- गले तक पानी और मलबे से भर गई आधी टनल, नीले ड्रमों के सहारे जवान रेस्क्यू में जुटे

    Spread the love

    Spread the loveअलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी (टेल रेस टनल) में जिस स्थान पर मजदूर काम कर रहे थे, वहां से करीब 150 मीटर दूर…


    Spread the love