श्रीराम की नगरी अयोध्या के प्रमुख सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में मंगलवार को एक विशेष आध्यात्मिक और सामाजिक संगम देखने को मिला। आंबेडकरनगर के प्रख्यात समाजसेवी नरेन्द्र यादव एवं तिलक राम यादव ने यहां पहुंचकर सिद्धपीठ के विख्यात संत प्रेममूर्ति कृष्णकांत दास एवं संत आनंद दास तन्मय दास से शिष्टाचार भेंट की।
संतों ने समाजसेवियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया और कहा – “जब समाजसेवा और भक्ति का संगम होता है, तभी लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।”
इस अवसर पर नरेन्द्र यादव और तिलक राम यादव ने संतों के चरणों में नमन कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी जैसे पावन सिद्धपीठ पर आकर संतों का आशीर्वाद पाना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। साथ ही समाजहित में सेवा को और व्यापक बनाने का संकल्प भी लिया।
भेंट के दौरान आध्यात्मिकता, सेवा, शिक्षा और सामाजिक एकता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। संतों ने समाजसेवियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर समाज की सेवा में तत्पर रहने की प्रेरणा दी।
यह मिलन न केवल संतों और समाजसेवियों के लिए बल्कि समूचे समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश छोड़ गया कि सच्ची भक्ति और सेवा ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।









