अखिलेश का योगी को जवाब: बोले- असली गिरगिट तो CM खुद हैं, जो ‘नारी वंदन’ को ‘नारा’ बनाना चाह रहे

Spread the love

खनऊ में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सामाजिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय चुनौतीपूर्ण है और समाज को मिलकर आगे बढ़ने की जरूरत है।

इस दौरान लुम्बिनी, सारनाथ और कुशीनगर के विकास के संकल्प को भी दोहराया गया। इस दौरान उन्होंने सीएम योगी के गिरगिट वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद असली गिरगिट हैं, जो नारी वंदन को नारा बनना चाहते हैं। वो बार-बार राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बयान देते हैं। अब इनके सत्ता से जाने के दिन आ गए हैं।

 

ये जनता का ध्यान अन्य समस्याओं से हटाना चाहते हैं 

महिला आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि यह सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर विपक्ष को गलत तरीके से पेश कर रही है। उनका आरोप था कि भाजपा इस मुद्दे को नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है, ताकि जनता का ध्यान अन्य समस्याओं से हटाया जा सके।

उन्होंने परिसीमन और संशोधन बिल को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि लंबे समय से डेटा एकत्र कर राजनीतिक रणनीति बनाई जा रही है। कानून-व्यवस्था पर हमला करते हुए उन्होंने ‘बुलडोजर नीति’ को कठघरे में खड़ा किया और हरदोई व वाराणसी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।

इसके अलावा, उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना, गेहूं खरीद में देरी, श्रम कानूनों में बदलाव और अयोध्या मास्टर प्लान में बार-बार संशोधन जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए योजनाएं बना रही है। कुल मिलाकर, उन्होंने भाजपा को जनविरोधी बताते हुए कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और सरकार के दिन गिने हुए हैं।

और पढ़े  मौत का गड्ढा: मुरादाबाद में मिट्टी खोदते समय ढांग धंसी, 2 महिलाओं की जान गई, तीसरी की हालत गंभीर

 

सपा कार्यालय में गूंजा- ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’

कार्यक्रम में सैकड़ों बौद्ध भिक्षु शामिल हुए और “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष से माहौल गूंज उठा। भिक्षुओं ने बौद्ध धर्म के उपदेश पढ़े। इस दौरान एक भिक्षु ने मुलायम सिंह यादव के कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं के लिए उनके योगदान का उल्लेख किया और ओबीसी को संसद में आरक्षण देने की मांग उठाई।

कुछ वक्ताओं ने RSS पर भी टिप्पणी की। कहा कि गौतम बुद्ध की तरह मुलायम सिंह यादव ने महिलाओं के लिए काफी काम किया। ओबीसी को संसद में आरक्षण मिलना चाहिए। RSS के लोग कभी महिलाओं के पक्ष में नहीं रहे।


Spread the love
  • Related Posts

    भीषण गर्मी में बिजली कटौती का कहर, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया, जानें मामला

    Spread the love

    Spread the loveप्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती और खराब आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है। भाजपा विधायकों से लेकर कांग्रेस नेताओं…


    Spread the love

    महिला बाउंसर ने प्रेमी को मारा: आधी रात में वारदात, अर्धनग्न हालत में था शव, युवक के फोन में है ऐसा वीडियो

    Spread the love

    Spread the loveपुरानी बर्फ फैक्टरी के सामने लगे मेले में काम करने वाले सेवरही थाना क्षेत्र के पिपरा मुस्तकिल अगरवा गांव के शुक्ल टोला निवासी 34 वर्षीय शैलेश शुक्ल की…


    Spread the love