प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू का दौरा किया। यहां उन्होंने बंगलूरू को कई सौगातें दीं और एक कार्यक्रम को संबोधित भी किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद मैं पहली बार बंगलूरू आया हूं। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की सफलता, सीमा पार कई किलोमीटर तक आतंकवादी ठिकानों को तबाह करने की हमारी क्षमता और आतंकवाद के बचाव में आए पाकिस्तान को कुछ ही घंटों में घुटने टेकने पर मजबूर करने की हमारी क्षमता देखी गई।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘पूरी दुनिया ने नए भारत के इस स्वरूप के दर्शन किए हैं। ऑपरेशन सिंदूर की इस सफलता के पीछे बहुत बड़ी वजह हमारी टेक्नोलॉजी और डिफेंस में मेक इन इंडिया की ताकत है। इसमें बंगलूरू और कर्नाटक के युवाओं का भी बहुत बड़ा योगदान है। मैं इसके लिए भी आप सभी का अभिनंदन करता हूं।’ इससे पहले उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक की धरती पर कदम रखते ही अपनापन सा महसूस होता है। यहां की संस्कृति, यहां के लोगों का प्यार और कन्नड़ भाषा की मिठास दिल को छू जाती है।’
भारत को वैश्विक आईटी नक्शे पर गर्व से स्थापित किया
पीएम मोदी ने कहा कि बंगलूरू को हम एक ऐसे शहर के रूप में उभरता देख रहे हैं, जो न्यू इंडिया के राइज का सिंबल बन चुका है। एक ऐसा शहर… जिसकी आत्मा में तत्व ज्ञान है और जिसके एक्शन में टेक ज्ञान है। एक ऐसा शहर… जिसने ग्लोबल आईटी मैप पर भारत का परचम लहराया है। हम बंगलूरू को नए भारत के उदय का एक सच्चा प्रतीक बनते हुए देख रहे हैं। एक ऐसा शहर जिसने भारत को वैश्विक आईटी नक्शे पर गर्व से स्थापित किया है। बंगलूरू की उल्लेखनीय सफलता की कहानी के पीछे प्रेरक शक्ति इसके लोगों की असाधारण प्रतिभा और सरलता है।

शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर तेजी से बढ़ रहे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। पिछले 11 वर्षों में हमारी अर्थव्यवस्था 10वें स्थान से ऊपर उठकर शीर्ष पांच में पहुंच गई है। अब हम शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। हमने यह गति कैसे हासिल की? यह हमें रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की भावना से मिली है। हमने यह गति नेक इरादों और ईमानदार प्रयासों से हासिल की है।
उन्होंने कहा कि 2014 में मेट्रो सिर्फ पांच शहरों तक सीमित थी। अब 24 शहरों में 1000 किलोमीटर से ज्यादा का नेटवर्क है। 2014 से पहले लगभग 20,000 किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण था। हमने पिछले 11 वर्षों में ही 40,000 किलोमीटर से ज्यादा रेलमार्ग का विद्युतीकरण किया है। 2014 तक भारत में सिर्फ 74 हवाई अड्डे थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 160 से ज्यादा हो गई है। जलमार्गों के आंकड़े भी उतने ही प्रभावशाली हैं। 2014 में सिर्फ 3 राष्ट्रीय जलमार्ग चालू थे। अब ये संख्या बढ़कर 30 हो गई है।
‘डिजिटल क्रांति का लाभ समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘डिजिटल समाधानों की पहुंच गांव-गांव तक पहुंच गई है। दुनिया के 50% से ज्यादा रीयल-टाइम लेन-देन भारत में UPI के जरिए होते हैं। तकनीक की मदद से हम सरकार और नागरिकों के बीच की खाई को पाट रहे हैं। अब हम AI-संचालित खतरे का पता लगाने जैसी तकनीकों में भी निवेश कर रहे हैं। हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि देश में डिजिटल क्रांति का लाभ समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे। बंगलूरू इस प्रयास में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।’
‘टेक-आत्मनिर्भर भारत’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मौजूदा उपलब्धियों में हमारी अगली बड़ी प्राथमिकता ‘टेक-आत्मनिर्भर भारत’ होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि हम भारत की जरूरतों को और ज्यादा प्राथमिकता दें और नए उत्पाद विकसित करने में तेजी से आगे बढ़ें।’
‘जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट’
उन्होंने कहा, ‘हमें मेक इन इंडिया में बंगलूरू और कर्नाटक की उपस्थिति को और मजबूत करना होगा। मेरा आग्रह है कि हमारे उत्पाद जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट के मानकों के अनुरूप हों। यानी दोषरहित उत्पाद हों और उनके निर्माण का पर्यावरण पर कोई नकारात्मक प्रभाव भी न पड़े। मुझे उम्मीद है कि कर्नाटक की प्रतिभा आत्मनिर्भर भारत के इस विजन का नेतृत्व करेगी।’
तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बंगलूरू के केएसआर रेलवे स्टेशन पर तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इसमें बंगलूरू से बेलगावी, अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा और नागपुर (अजनी) से पुणे तक की ट्रेनें शामिल हैं। इस दौरान कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
बंगलूरू मेट्रो चरण-2 परियोजना येलो लाइन का उद्घाटन
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बंगलूरू मेट्रो चरण-2 परियोजना के आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मासंद्रा तक येलो लाइन का उद्घाटन किया। इसकी लंबाई 19 किलोमीटर से अधिक है। इसमें 16 स्टेशन हैं, जिसकी लागत लगभग 7,160 करोड़ रुपये है। पीएम मोदी ने आरवी रोड (रागीगुड्डा) से इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो की सवारी भी की।
बेल्लारी रोड पर रोड शो, सिद्धारमैया से बातचीत की
फिर प्रधानमंत्री ने बंगलूरू में बेल्लारी रोड पर रोड शो किया और जनता का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ‘नेक्स्ट-जेन मोबिलिटी फॉर ए नेक्स्ट-जेन सिटी’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से बातचीत करते देखा गया।

बंगलूरू मेट्रो रेल चरण-3 परियोजना की आधारशिला रखी
इसके अलावा पीएम मोदी ने 15,610 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बंगलूरू मेट्रो रेल चरण-3 परियोजना की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना की कुल लंबाई 44 किलोमीटर से अधिक होगी और इसमें 31 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यहां उन्होंने एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित भी किया।







