भूकंप: तुर्किये में लगे तेज भूकंप के झटके, रिएक्टर पैमाने पर 6.1 मापी गई तीव्रता, 12 इमारतें ढहीं, एक की मौत

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तुर्किये के उत्तर-पश्चिमी प्रांत बालिकेसिर में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिएक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई। भूकंप के चलते लगभग 12 इमारतें ढह गईं। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इसके अलावा, कम से कम 29 लोग घायल हुए हैं।

भूकंप का केंद्र सिंदिरगी शहर में जमीन से 11 किलोमीटर नीचे रहा, जहां से लगभग 200 किलोमीटर दूर इस्तांबुल शहर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस्तांबुल की आबादी 1.6 करोड़ से ज्यादा है।

मलबे में दबे चार लोगों को बचाया गया
सिंदिरगी के मेयर सेरकन साक ने बताया कि शहर में ढही हुई एक इमारत से चार लोगों को बचा लिया गया है। बचाव दल मलबे में दबे दो अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि पास के गोलकुक गांव में भी कई घर ढह गए। गांव में एक मस्जिद की मीनार भी गिर गई। वहीं, गृह मंत्री अली येरलिकाया ने बताया कि सिंदिरगी में एक ढही हुई इमारत के मलबे से जिंदा निकाले जाने के कुछ ही देर बाद एक बुज़ुर्ग महिला की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कुल 16 इमारतें ढह गईं हैं, जिनमें से ज्यादातर जीर्ण-शीर्ण और अनुपयोगी थीं। उन्होंने बताया कि दो मस्जिद की मीनारें भी गिर गईं। मंत्री ने बताया कि घायलों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है।

भूकंप के बाद कई और झटके किए गए महसूस
तुर्किये की आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि भूकंप के बाद कई और झटके महसूस किए गए, जिनमें से एक की तीव्रता 4.6 थी। एजेंसी के अनुसार, नागरिकों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र सिंदिरगी रहा, जहां एक इमारत ढह गई। गौरतलब है कि तुर्किये प्रमुख दरारों के शीर्ष पर स्थित है। इसलिए अक्सर यहां भूकंप आते रहते हैं।

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2023 में भी आया था 7.8 तीव्रता का भूकंप
तुर्किये में 2023 में भी 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने काफी तबाही मचाई थी। भूकंप के चलते 53,000 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। भूकंप से 11 दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी प्रांतों में लाखों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। वहीं, पड़ोसी सीरिया के उत्तरी हिस्सों में 6,000 लोग मारे गए थे।

भूकंप के दौरान क्या करें
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।

यदि आप घर के अंदर हों

  • आप यदि घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें या तब तक मजबूती से पकड़कर बैठे रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं।
  • यदि आपके पास कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें और बिल्डिंग के किसी कोने में झुक कर बैठ जाएं।
  • किसी आंतरिक दरवाजे के लेंटर, किसी कमरे के कोने में, किसी मेज या यहां तक कि किसी पलंग के नीचे रुककर अपने आपको बचाएं।
  • सीसे, खिड़कियों, दरवाजों तथा दीवारों से दूर रहें या ऐसी कोई चीज जो गिर सकती हो (जैसे लाइटिंग फिक्सचर्स या फर्नीचर), से दूर रहें।
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यदि आप घर के बाहर हों

  • यदि आप घर के बाहर हों तो जहां हों वहां से आप न हिलें। इसके साथ ही बिल्डिंग, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों तथा बिजली/टेलीफोन आदि की तारों आदि से दूर रहें।
  • यदि आप किसी खुली जगह पर हों तो वहां तब तक रुके रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। सबसे बड़ा खतरा बिल्डिंग के बाहर, निकास द्वारों तथा इसकी बाहरी दीवारों के पास होता है। भूकंप से संबंधित अधिकांश दुर्घटनाएं दीवारों के गिरने, टूटकर गिरने वाले कांच तथा गिरने वाली वस्तुओं के कारण होती हैं।

यदि किसी चलते वाहन में हों

  • जितनी जल्दी संभव हो सुरक्षा के साथ गाड़ी रोकें तथा गाड़ी में रुके रहें। बिल्डिंग, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों के पास या नीचे रुकने से बचें।
  • सावधानी से भूकंप के रुकने के बाद आगे बढ़ें अथवा सड़कों, पुलों, रैम्प से बचें जो भूकंप द्वारा क्षतिग्रस्त हुए हो सकते हैं।

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