मालधनचौड़ में बना तुमड़िया डैम कई स्थानों से जर्जर हो रहा है। इसके जीर्णोद्धार के लिए सिंचाई विभाग ने पहले 172 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी थी। जिस पर शासन की ओर से कुछ आपत्तियां लगाई गई थीं जिसको पूरा करने के बाद अब 166 करोड़ की संशोधित डीपीआर भेजी गई है।
तुमड़िया डैम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की करीब 28 हजार हेक्टेयर भूमि को सींचने का काम करता है। डैम का निर्माण वर्ष 1962 से शुरू होकर वर्ष 1969 में पूरा हुआ था। 20 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला तुमड़िया डैम उत्तराखंड व यूपी की रीढ़ माना जाता है। इस डैम में 840 मीटर तक पानी भरा जाता है जिससे 63 फीसदी पानी यूपी के जिला रामपुर, मुरादाबाद जबकि 37 फीसदी जल से उत्तराखंड में सिंचाई की जाती है। ऐसे में वर्षों से यूपी और उत्तराखंड को सींचते-सींचते डैम खस्ताहाल स्थिति में है। डैम की बिगड़ती स्थिति के कारण विभाग क्षमता से कम पानी भरने को मजबूर है। डैम में पानी कम होने से बीते कुछ वर्षों से किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई विभाग ने डैम के जीर्णोद्धार के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
डैम को मजबूत बनाने के लिए होंगे कार्य
विभाग ने डैम को मजबूत बनाने के लिए 166 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है। इसकी मदद से डैम में पीचिंग, वाॅल्व समेत अन्य स्थानों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। इसके तहत कमजोर दीवार, स्लूज गेटों की मरम्मत, सीपेज ड्रेन की सफाई, नए पिलर समेत अन्य कार्य किए जाएंगे। तुमड़िया डैम को 840 मीटर तक भरा जाता था। अब जीर्णोद्धार का कार्य होने के बाद डैम की क्षमता को डेढ़ से दो गुना तक बढ़ाया जा सकेगा।
तुमड़िया डैम के जीर्णोद्धार के लिए संशोधित डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई है। मंजूरी मिलने पर मरम्मत कार्य शुरू होगा और डैम का जीर्णोद्धार करके किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा। – अमित गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, काशीपुर





