अभिभावकों के मार्गदर्शन का अभाव, असफलता के डर से बार-बार लक्ष्य बदलने से क्षमताओं का ह्रास होता है। लक्ष्य साधकर बड़ों के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित ही कदम चूमेगी। प्रेरक वक्ता जया किशोरी ने ये बातें कहीं। वह मंगलवार को बरेली के फरीदपुर स्थित फ्यूचर यूनिवर्सिटी में अमर उजाला के सहयोग से आयोजित ‘क्षितिज विचारों से बदलाव तक’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं।






