जया किशोरी: जया किशोरी ने युवाओं को दिए सफलता के मंत्र- कड़ी मेहनत करें..लक्ष्य न बदलें और बड़ों की सुनें

 

भिभावकों के मार्गदर्शन का अभाव, असफलता के डर से बार-बार लक्ष्य बदलने से क्षमताओं का ह्रास होता है। लक्ष्य साधकर बड़ों के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित ही कदम चूमेगी। प्रेरक वक्ता जया किशोरी ने ये बातें कहीं। वह मंगलवार को बरेली के फरीदपुर स्थित फ्यूचर यूनिवर्सिटी में अमर उजाला के सहयोग से आयोजित ‘क्षितिज विचारों से बदलाव तक’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं।

कार्यक्रम की थीम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि क्षितिज हमारी सोच से परे है। इसलिए बड़ा सोचें और उसे हासिल करने के लिए जुट जाएं। सपनों को पूरा करने में उम्र कभी बाधक नहीं होती, पर इसके लिए जज्बे की जरूरत होती है। जब कदम आगे बढ़ाएं तो लोग क्या कहेंगे, यह बिल्कुल न सोचें। प्रत्येक सफल व्यक्ति पर टिप्पणी होती है। इसे नजरंदाज करें।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कथित रिव्यू करने के नाम पर जिस तरह निशाने पर लिया जाता है, ऐसे रिव्यू करने वाले असल में खुद सफलता से दूर होते हैं। उन्हें आत्मावलोकन करना चाहिए। किसी पर निर्भर रहने के बजाय अकेले ही अपना सपना पूरा करने के लिए चलते रहें। बताया कि जब उन्होंने अपना लक्ष्य चुना तो मुश्किलें आईं, पर कभी हार नहीं मानी।
ताना न दें अभिभावक, अनुभव से करें मार्गदर्शन
जया किशोरी ने कहा कि ज्यादातर अभिभावक तंज कसते हुए बच्चों से अनुभव साझा करते हैं। इससे नकारात्मक असर पड़ता है। अभिभावकों से अपील की वे बच्चों का हुनर पहचानने में मदद करें। लक्ष्य हासिल करने की कला सिखाएं। संघर्ष से निपटने के लिए मार्गदर्शन करें। अपने जैसा बनाने के बजाय उन्हें उनके हुनर का बोध कराएं। मौलिक विचारों का संदेश देकर मेहनत करना सिखाएं।
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सम्मान चाहिए तो सार्थकता साबित करें
उन्होंने कहा कि उगते सूरज का सम्मान इसलिए होता है कि वह दुनिया को रोशनी देता है। ठीक इसी तरह समाज में सार्थक बदलाव का कार्य करेंगे, तभी सम्मान मिलेगा। सफलता पैसा, नाम हासिल करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि शिखर पर टिके रहने में है। ये मुकाम तभी मुमकिन है, जब आप समाज का हित करेंगे। सच्चे इंसान बनेंगे।
बुजुर्गों से करें बात, मिलेगा सफलता का मंत्र
युवाओं को बुजुर्गों के साथ बैठने और उनसे बात करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि बुजुर्गों की बातों में कई ऐसे रहस्य छिपे होते हैं जो जीवन में बदलाव का कारक बन सकते हैं। इसलिए ध्यान से सुनने की कला भी होनी चाहिए। कोई चाहत पूरी न होने पर युवा निराश होते हैं। समझना होगा कि दुनिया में सिर्फ माता-पिता ही आपको खुश देखना चाहते हैं। इसलिए उनकी बात जरूर मानें।

परवरिश सही हो तो आत्मघाती कदम नहीं उठाएंगे बच्चे
जया किशोरी ने कहा कि जितने युवा आत्मघाती कदम उठाते हैं, वे सभी अभिभावकों से माफी मांगते हैं। उन्हें लगता है कि वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। ये नौबत न आए, इसके लिए परवरिश का तरीका तंज भरा नहीं, बल्कि अपनेपन का अहसास कराने वाला हो। बच्चे की बात सुनें। प्रोत्साहित करें। ताना न मारें। बच्चों को भी समझाना होगा कि माता-पिता से गलतियां होती हैं। बच्चों को सोशल मीडिया और असली जीवन की सफलता में अंतर को जानना भी जरूरी है। प्रत्येक रुपये कमाने वाला व्यक्ति सफल नहीं होता।

सम्मान की चाहत में घर से बाहर निकल रहीं महिलाएं
जया किशोरी ने द्वापर युग की कथा सुनाते हुए कहा कि शास्त्रों में कहीं नहीं लिखा है कि पुरुष बाहर के और महिलाएं घर के कार्य करेंगी। समाज ने जिम्मेदारी तय की। महिला-पुरुष दोनों को सम्मान चाहिए। महिलाओं को लगा कि घर से बाहर रहने और कमाने में सम्मान है तो उन्होंने जिम्मेदारियां बदलीं। लड़ाई पुरुष और महिला की नहीं, बल्कि समानता की होनी चाहिए। इसके लिए दोनों को ही पहल करनी होगी।
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सफलता के मंत्र
– सपना पूरा करने की चाहत समेत संघर्ष की क्षमता जरूरी।
– प्रत्येक व्यक्ति में अलग हुनर है। इसे समय से पहचान लें।
– दूसरों पर टिप्पणी न करें, अपनी कमी स्वीकारें, सुधारें।
– सकारात्मकता के नाम पर गलत धारणा अपनाने से बचें।
– सोशल मीडिया पर समय बर्बाद न करें, खुद को तराशें।
– बच्चों से प्रेम करें, पर धृतराष्ट्र की तरह मोह में न पड़ें।
– ज्ञानी, मूर्ख दोनों को सुनें, ताकि बेहतर विकल्प चुन सकें।
– गलतियां न दोहराएं। असफलता में भी धैर्य बनाए रखें।

मेन स्पॉन्सर : फ्यूचर यूनिवर्सिटी
सहयोगी : एलजी वेस्ट शॉप, एमजी हेक्टर, होटल डिप्लोमेट रेजीडेंसी, रामायण ऑटो, मोक्ष, श्री बांके बिहारी ऑटो, अम्बे स्टोर फरीदपुर रोड, हयात रिटेल, मैक्स लाइफ हॉस्पिटल, दुग्ध उत्पादक संघ, बॉम्बे हौजरी, गंगा बाथ डेकोर, लोन काउंटर, एजिलस डायग्नोस्टिक, डॉ. अशोक मेंहदीरत्ता, श्री भोलानाथ हॉस्पिटल, जीडी हॉस्पिटल, ला मौंक (एरोमेटिक एलाइड), इंटेलीजेंस कैरियर इंस्टीट्यूट, रिजोनेंस कोचिंग, मित्तल जनरल स्टोर, रामा श्यामा पेपर प्रा.लि., प्लाई महल, शिव फोम, मंगलम चेन, राममूर्तिलाल जमींदार आयरन एंड सीमेंट स्टोर, जीएम फार्मेसी, वाइट प्रीमियम फूड, कैलाश हॉस्पिटल, दीपमाला हॉस्पिटल, महेंद्र गायत्री हॉस्पिटल, ओम रेजीडेंसी, दीपक स्वीट्स, अजंता स्वीट्स, कॉमर्शियल स्कोडा, फॉक्स बैगन, कॉमर्शियल टोयोटा, डॉ. अरविन्द।
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