अयोध्या:  आचार्य किशोर कुणाल का निधन, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र को भारी क्षति,सीएम योगी ने जताया दुख

 

धार्मिक और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपनी अमूल्य पहचान बनाने वाले बिहार के पूर्व आईपीएस अधिकारी और महावीर फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य किशोर कुणाल का आज रविवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर से अयोध्या सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

आचार्य किशोर कुणाल अमावा राज मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक और बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष थे। अयोध्या स्थित अमावा राज मंदिर में उन्होंने हजारों राम भक्तों के लिए दोनों समय निःशुल्क भोजन की व्यवस्था कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की थी। उनका यह कार्य धार्मिक सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय है।

आचार्य किशोर कुणाल का जीवन देश और धर्म की सेवा को समर्पित था। बिहार पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया। सेवा-निवृत्ति के बाद उन्होंने महावीर फाउंडेशन और धार्मिक न्यास बोर्ड के माध्यम से समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
उनके निधन को धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके योगदान को याद करते हुए बिहार और अयोध्या के नागरिकों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
परिवार को शोक संवेदना
आचार्य किशोर कुणाल के निधन पर अनेक सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। उनके परिवार और अनुयायियों को सांत्वना देते हुए सभी ने इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

और पढ़े  बाबा नीब करौरी: जन्मभूमि से समाधि तक करें सफर, टूर पैकेज को मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स, 50 फीसदी की विशेष छूट भी
  • Related Posts

    स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर HC सख्त:- DM और मुख्य सचिव को दिया ये आदेश, एक माह में मांगी अनुपालन रिपोर्ट

    हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मुख्य सचिव को जिला स्कूल वाहन सुरक्षा…

    UP में जमीन से बेदखल होने के डर में किसान,जमीन से बेदखल होने के भय में तराई के किसान, पीढ़ियों से खेती कर रहे सिखों का…

    उत्तराखंड बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक फैले तराई के विशाल कृषि क्षेत्र में इन दिनों गहरी बेचैनी है। देश का बंटवारा, 84 के दंगे और आतंकवाद का दौर सह चुके…