मध्य प्रदेश में पहली बार हनुमान जी को एक टन के महालड्डू का भोग लगाया जाएगा। जबलपुर स्थित पचमठा दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर समिति ने बजरंगबली को 1 टन का महालड्डू चढ़ाने का निर्णय लिया है। तीन राज्यों को कारीगरों ने निर्धारित समय पर लड्डू का निर्माण पूरा कर लिया है। आइए आपको लड्डू निर्माण से लेकर प्रसाद वितरण तक के बारे में बताते हैं।
56 घंटे में तैयार हुआ महालड्डू
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के हलवाइयों ने मिलकर लगातार 3 दिन काम कर के 1 टन के महालड्डू का निर्माण किया है। लड्डू के ऊपर की गई विशेष सजावट कोलकाता के कारीगरों ने की है। एकादशी के दिन अन्नपूर्णा पूजन के साथ ही लड्डू का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कारीगरों ने 56 घंटों में महालड्डू को आकार दिया है। महालड्डू के निर्माण के बाद पूज्य जगदगुरू सुखानंद द्वाराचार्य स्वामी राघव देवाचार्य महाराज ने लड्डू का पूजन कर इसे स्थापित किया। फिलहाल गुजरात के भावनगर से आई विशेष कढ़ाई में महालड्डू को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए रखा गया है। महालड्डू गर्मी से खराब न हो इसलिए मंदिर में कूलर लगाए गए हैं।
हनुमान जन्मोत्सव पर लगेंगे 56 भोग
शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर रात 9 बजे हनुमान जी को 56 भोग लगाए जाएंगे। 56 भोग के साथ ही 1 टन के महालड्डू का भोग लगाया जाएगा।
पहली आरती के साथ प्रसाद वितरण होगा शुरू
हनुमान जन्मोत्सव के दिन सुबह मंदिर की पूजा के साथ ही श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करने का काम शुरू हो जाएगा। आस-पास के क्षेत्र की महिलाएं करीब 50 किलो लड्डू बना रही हैं। जिसका वितरण सुबह से श्रद्धालुओं को किया जाएगा।







