Iran-US- लेबनान पर हमलों से भड़का ईरान, अमेरिका से बातचीत रोकी, होर्मुज बंद करने की भी दी धमकी

श्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने लेबनान पर इस्राइली हमलों के विरोध में अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को रोकने का फैसला किया है। ईरान का कहना है कि लेबनान में जारी हमले युद्धविराम का खुला उल्लंघन हैं। इसी के साथ ईरान समर्थित समूहों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर के अहम समुद्री रास्तों को बंद करने की चेतावनी भी दी है।

 

ईरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तेहरान ने साफ कहा है कि जब तक गाजा और लेबनान में इस्राइली सैन्य कार्रवाई नहीं रुकती, तब तक अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। ईरान ने लेबनान से इस्राइली सेना की पूरी वापसी की भी मांग की है। वहीं अमेरिका की तरफ से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ईरान ने लिया क्यों लिया ये फैसला

 

  • ईरान ने लेबनान पर इस्राइली हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया।
  • तेहरान का कहना है कि लेबनान में शांति उसकी प्रमुख शर्तों में शामिल थी।
  • ईरान ने आरोप लगाया कि इस्राइल ने बेरूत पर हमला कर हालात बिगाड़े।
  • ईरान गाजा-लेबनान में इस्राइली  कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग कर रहा है।
  • तेहरान चाहता है कि इस्राइली सेना पूरी तरह लेबनान से बाहर निकले।
  • ईरान का मानना है कि अमेरिका इस्राइल की कार्रवाई रोकने में विफल रहा है।

 

होर्मुज ही नहीं, इस जलमार्ग पर भी दी चेतावनी
ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि तेहरान और उसके सहयोगी समूह अब होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदेब जलमार्ग पर दबाव बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। बाब-अल-मंदेब लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अहम समुद्री रास्ता है। यहां पहले भी यमन के हूती विद्रोही कई जहाजों पर हमले कर चुके हैं। अगर इन समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ता है तो वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

क्या अमेरिका और इस्राइल पर बढ़ेगा दबाव?
ईरान के इस फैसले के बाद अमेरिका और इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ सकता है। गाजा और लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर पहले से कई देशों में चिंता जताई जा रही है। अब ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसकी शर्तें नहीं मानी जाएंगी, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। इससे क्षेत्र में शांति प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है।

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