देहरादून मोहब्बेवाला में चार लोगों की जान लेने वाले सड़क हादसे के बाद पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की तहरीर में सड़क निर्माण और यातायात सुरक्षा से जुड़े इंतजामों में गंभीर खामियां उजागर की गई हैं। आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने और पत्राचार करने के बावजूद संबंधित कार्यदायी संस्थाओं ने हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पुलिस ने चार नवंबर की रात पटेलनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह की तहरीर के मुताबिक, नवनिर्मित एनएच-72ए (दिल्ली-देहरादून-पांवटा मार्ग) पर यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए हैं। सड़क पर पर्याप्त साइन बोर्ड, यातायात चिह्न, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक नहीं लगाए गए हैं। रात में रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा मार्ग का स्पष्ट चिह्नांकन नहीं किया गया है। तहरीर में मोहब्बेवाला के पास सड़क के किनारे गड्ढे होने के साथ ही अचानक आने वाले तीव्र मोड़ और ढलान को भी दुर्घटनाओं की वजह बताया गया है। आरोप है कि इन खामियों के कारण वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाता और हादसे की आशंका बनी रहती है।
पुलिस की तहरीर में कहा गया है कि इस स्थान पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें कई लोगों की जान जा चुकी है और कई घायल हुए हैं। पुलिस की ओर से संबंधित कार्यदायी संस्था को कई बार पत्राचार कर सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बावजूद असुरक्षित निर्माण कार्य जारी रहने से आम लोगों की जान को खतरा बना हुआ है।







