गाजियाबाद में धमाका: पुलिस चौकी में ब्लास्ट के पीछे किसका हाथ? इस संगठन ने ली जिम्मेदारी

यूपी के गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने की वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाके से जुड़ी एक पोस्ट सोशल मीडिया वायरल हो रही है। पोस्ट में चौकी में हुए धमाके की जिम्मेदारी ली गई है। ‘गाजी 2’ नाम के एक अकाउंट से यह पोस्ट की गई है। पोस्ट में तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नाम के संगठन की ओर से चौकी को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस सोशल मीडिया पर हुई इस पोस्ट की जांच कर रही है।

वीडियो के साथ संगठन की ओर से अंग्रेजी में एक संदेश भी पोस्ट किया गया है। वीडियो में नकाब पहने एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। वह पहले उर्दू में बोलता सुनाई देता है। इसके बाद हिंदी में धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा करता है। व्यक्ति वीडियो में कहता है कि संगठन ने भगवा हुकूमत के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस को निशाना बनाया है। उसने पुलिस, सेना और न्यायपालिका पर भी आरोप लगाए हैं।

साथ ही अपने घर की हिफाजत करने का अधिकार होने की बात कही है। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं। साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि रात में जिस सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो और संदेश पोस्ट किए गए थे, उसे बाद में डिलीट कर दिया गया। जांच एजेंसियां वीडियो की सत्यता, संगठन के दावे और पोस्ट करने वाले अकाउंट की पहचान करने में जुटी हैं। फिलहाल संगठन के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रिजुल कुमार ने एएनआई से फोन पर बातचीत में बताया कि छह नवंबर को रात करीब 9 बजे इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वसुंधरा पुलिस आउटपोस्ट में एक धमाका हुआ। आउटपोस्ट की दो खिड़कियों के शीशे टूट गए और उनमें दरारें आ गईं।
उस समय वहां पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं आई। कांच का एक टुकड़ा लगने से एक डिलीवरी बॉय के सिर में चोट आई, जिसे अस्पताल ले जाया गया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है।”
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‘तहरीक-ए-मुजाहिदीन’ नामक एक समूह द्वारा सोशल मीडिया पर इस घटना की जिम्मेदारी लेने के दावे के बारे में उन्होंने कहा, “मामले की जांच की जा रही है। मौके पर बारूद, विस्फोटक या ऐसी कोई अन्य सामग्री नहीं मिली है; डॉग स्क्वॉड की जांच में भी कुछ ऐसा नहीं मिला।”
विधायक ने ये कहा
लोनी के विधायक नंद किशोर गुर्जर ने धमाके के बाद कहा कि योगी जी सरकार में किसी कीमत पर भी इन जिहादियों की नीच हरकत दीपावली के इस महापर्व पर हुई है। उसके लिए मैं प्रदेश और देश के सम्मानित भाई-बहनों से कहना चाहता हूं योगी सरकार में बेहतर हूरों के पास इन जिहादियों को भेजना का काम गाजियाबाद पुलिस करेगी। दीपावली पर कोई किसी प्रकार की चिंता न करे, आराम के साथ आनंद के साथ अपना त्योहार बनाएं। इन जिहादियों को ऐसा जवाब मिलेगा,     कि इनकी सात पीढ़ियां भूल जाएंगी, इनको पाकिस्तान में भी घुसकर मारना पड़ा तो मोदी सरकार ये काम करेगी। लोग भरोसा रखें।

यह था पूरा मामला
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने की वसुंधरा चौकी में शुक्रवार रात करीब 10 बजे हुए धमाके से दो अलग-अलग कमरों में लगी दो खिड़कियां टूट गई, जबकि दीवार में भी दरार आ गई। धमाका इतना तेज था कि चौकी परिसर में अफरा तफरी मच गई।

इस दौरान डिलीवरी बॉय झुलस गया। पुलिस धमाके की वजह एसी में ब्लास्ट होने की बात कह रही है। हालांकि कुछ लोग चौकी में रखे पटाखों में विस्फोट होने की बात कह रहे हैं। पुलिस के आला अधिकारी और अलग-अलग एजेंसी जांच में जुट गई हैं।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 10 बजे चौकी पर धमाके की सूचना मिली। दो अलग-अलग कमरों की दो खिड़कियां टूट गई। वहीं, चौकी के अंदर खाना देने आया डिलीवरी बॉय भी झुलस गया। चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।

वह चौकी पर मौजूद उप निरीक्षक विकास को भोजन देने आया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसी में ब्लास्ट होने से ये खिड़कियां टूटी हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसीपी सूर्यबली मौर्य और डीसीपी ऋजुल मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।

बम निरोधक दस्ता भी जांच के लिए पहुंचा
वसुंधरा चौकी में धमाके की सूचना के बाद पहले फायर बिग्रेड, उसके बाद फॉरेसिंक टीम और सबसे बाद में बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंचा। टीम ने चौकी परिसर और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। धमाके के पीछे किसी विस्फोटक सामग्री की भूमिका होने की आशंका को लेकर जांच की गई। पुलिस और फरिसिक टीम के साथ बम निरोधक दस्ता भी साक्ष्य जुटाने में लगा रहा।

लाजपत नगर के धमाके से नहीं लिया सबक
साहिबाबाद के लाजपत नगर स्थित रामलीला मैदान में पांच अक्तूबर को रावण का पुतला बनाने के दौरान हुए धमाके ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए थे। इस हादसे में अब तक ठेकेदार अनिल समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है।
धमाके के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस सबक नहीं लिया। अब वसुंधरा चौकी के अंदर हुए धमाके ने एक बार फिर पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी है। सवाल है कि पिछली घटना के बाद भी बरामद सामान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी गई?
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