हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं के 504 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में सीबीआई की चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की गंभीर भूमिका सामने आई हैं। एक अफसर को लाभार्थी बैंक अधिकारी ने सोने के सिक्के दिलवाए तो एक अफसर के बेटे को हवाला के जरिये दो करोड़ रुपये दिए गए।
चार्जशीट के अनुसार साकेत कुमार 16 जून 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव रहे और हरियाणा पावर जनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के एमडी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। आरोप है कि आईडीएफसी बैंक के पूर्व अधिकारी रिभव ऋषि की सिफारिश पर एचपीजीसीएल पेंशन फंड ट्रस्ट से 25 करोड़ रुपये निकालकर आईडीएफसी बैंक में डिपॉजिट कराए।
पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह के घर में 11 जनवरी 2026 को 50 लाख रुपये पहुंचाए गए। 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन किश्तों (1 करोड़ + 50 लाख + 50 लाख) में 2 करोड़ रुपये दिए गए।
गर्ग के घर दिवाली से पहले पहुंचे सिक्के
सीबीआई की चार्जशीट में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग पर प्रक्रियागत अनियमितताओं का उल्लेख है। दीपावली से पहले रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए जाने की भी जांच की गई। वहीं, पंकज अग्रवाल के लिए होटल में नृत्य व पार्टयों का आयोजन भी रिभव ऋषि ने ही कराया।
एचपीजीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष मोहम्मद शाइन ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाया। चार्जशीट के मुताबिक नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक की करीब 108.46 करोड़ रुपये की एफडी समय से पहले तुड़वाकर 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी में जमा कराए गए। इससे एचपीजीसीएल को 1.66 करोड़ ब्याज का नुकसान हुआ। वहीं, प्रदीप कुमार ने ब्याज दरों में गड़बड़ी कर हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 159.86 करोड़ का नुकसान पहुंचाया।








