सावन माह के दूसरे सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कछला गंगा घाट से जल भरकर लाने के पिछले कई रिकॉर्ड पीछे छूट गए। रविवार रात कछला घाट पर कांवड़ियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद तीन किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। जाम में कांवड़ियों के जत्थे फंसे रहे। डीएम और एसएसपी को खुद कमान संभाली तो हालात सामान्य हुए। रात दो बजे तक अफसर व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। देर रात तक छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। सोमवार सुबह तक कांवड़ियों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा।
भीड़ और जाम की वजह से कछला की गली-गली में बाइक सवारों और पैदल श्रद्धालुओं का जनसैलाब दिखा। जाम की वजह से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य स्थानों को वापस लौटने में दिक्कत उठानी पड़ी। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन के भी हाथ पांव फूले रहे। डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा ने देर रात तक गंगा घाट की व्यवस्था परखी और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को पल-पल पर नजर रखने और श्रद्धालुओं के लिए सड़क पर आवागमन बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
सुबह से ही उमड़ने लगी थी भीड़
कछला से बदायूं तक भंडारों की लाइन
मंगलवार रात 8 बजे तक रहेगा डायवर्जन
उन्होंने बताया कि डायवर्जन लागू होने के बाद कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लंबी दूरी के ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा, जबकि स्थानीय आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को परिस्थितियों के अनुसार अनुमति दी जाएगी। प्रमुख चौराहों, हाईवे कटों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरों और पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति बनने पर तत्काल यातायात सामान्य कराया जाए। कांवड़ मार्ग पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के आवागमन को भी प्राथमिकता दी जाएगी।






