एप्पल मिशन के तहत सेब की अतिसघन बागावनी को बढ़ावा देने के लिए 17 करोड़ 52 लाख की पहली किश्त जिलों को जारी हुई है। इस साल प्रदेश में 500 हेक्टेयर में सेब के नए बाग विकसित करने की योजना है। राज्य में करीब 12 हजार हेक्टेयर में सेब के बाग है, जिनके माध्यम से प्रतिवर्ष 44 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है।
तीन साल में व्यवसायिक उत्पादन
उद्यान विभाग के प्रभारी अपर निदेशक रतन कुमार ने बताया कि योजना के तहत कम क्षेत्र में बागों को विकसित किया जाना है, यहां पर किंग रोट, मेमा मास्टर, जेड वेन, हैपेक जैसी सेब की प्रजातियों को लगाया जा रहा है। बताया कि जो सेब की प्रजातियां लग रही है, उनसे तीन से चार साल में व्यवसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। साथ ही योजना को क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे एक क्षेत्र में उत्पादन होने से मार्केटिंग को भी लाभ हो।








