उत्तराखंड: प्रदेश स्वास्थ्य प्राधिकरण के सर्वर में सेंध की कोशिश, पासवर्ड हैक कर क्रेडेंशियल्स चुराने की साजिश

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के सर्वर में 21 अगस्त की रात 10:13 बजे से 10:54 बजे के बीच साइबर अपराधियों ने सेंध लगाने की कोशिश की। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) की जांच रिपोर्ट में ये साफ हो गया है। आईटीडीए ने अब प्राधिकरण को पत्र भेजकर तत्काल सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने को कहा है। सभी पासवर्ड बदले जाएंगे। प्रभावित कंप्यूटर फॉर्मेट करने होंगे।

आईटीडीए ने माना कि प्राधिकरण की एक मशीन के जरिये संदिग्ध गतिविधि कर वर्चुअल मशीन को हैक करने का प्रयास किया गया। समय रहते सुरक्षा प्रणाली सक्रिय होने से बड़ा साइबर हमला विफल हो गया। आईटीडीए के अपर निदेशक तीर्थ पाल सिंह ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अपर निदेशक को पत्र लिखकर तत्काल साइबर सुरक्षा के सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

आईटीडीए की प्रारंभिक तकनीकी जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना रात के समय लगभग 10:13 बजे से 10:54 बजे के बीच घटी। कार्यालय पूरी तरह बंद था। सीसीटीवी फुटेज की जांच में साफ हुआ कि उस दौरान दफ्तर में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे पुष्टि होती है कि सर्वर को बाहर से अनधिकृत तौर पर रिमोट एक्सेस के जरिये निशाना बनाया गया।

 

पासवर्ड हैक कर क्रेडेंशियल्स चुराने की थी साजिश
लॉग्स की जांच में सामने आया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने पहले कई गलत पासवर्ड डालकर खातों में जबरन घुसपैठ की कोशिश की, जिससे दो खाते लॉक हो गए। इसके कुछ ही मिनट बाद हमलावर स्वास्थ्य प्राधिकरण वेब सर्वर पर लॉगिन करने में कामयाब रहा। सिस्टम में प्रवेश करते ही नेटवर्क की रेकी के लिए एडवांस्ड आईपी स्कैनर चलाया गया। स्थानीय पासवर्ड व क्रेडेंशियल चुराने के लिए रजिस्ट्री फाइल को डाउनलोड करने की कोशिश की गई। हालांकि, सर्वर पर तैनात डीप सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर ने इस कमांड को बीच में ही रोककर सिस्टम को सुरक्षित कर लिया।

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फिलहाल डाटा सुरक्षित, विस्तृत फॉरेंसिक जांच की सिफारिश

रिपोर्ट के अनुसार, हमले की कोशिश को समय रहते रोक दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की फाइल चोरी या सर्वर के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है। आईटीडीए ने आशंका जताई है कि यह हरकत किसी बाहरी हैकर, डेवलपर या थर्ड पार्टी यूजर की हो सकती है। पूरे मामले की तह तक जाने और हमले के स्रोत की पहचान के लिए विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराने की सिफारिश की गई है।

सुरक्षा को लेकर ये निर्देश दिए

-जिन कंप्यूटरों पर स्टेट डाटा सेंटर सर्वर एक्सेस की अनुमति है, उन्हें तुरंत नेटवर्क से अलग कर फॉर्मेट किया जाए।

-सभी खातों के पासवर्ड तत्काल बदले जाएं और न्यूनतम 12 अंकों का जटिल पासवर्ड अनिवार्य किया जाए।

-सिस्टम से एनि डेस्क, टीम व्यूअर जैसे अनधिकृत रिमोट सॉफ्टवेयर तुरंत हटाए जाएं।

-ऑफ-आवर्स में इंटरनेट का अनधिकृत उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।

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