मध्य प्रदेश में मानसून पूरे रंग में नजर आ रहा है। लगातार सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों के असर से पिछले करीब 60 घंटे से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर मानसून द्रोणिका, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। यही वजह है कि 20 जुलाई की रात से शुरू हुआ बारिश का दौर लगातार बना हुआ है और अगले 24 घंटे भी राहत मिलने के आसार कम हैं।
बुधवार को प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गईं और कुछ मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहा। वहीं बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर में सुधार हुआ है। लगातार बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
लगातार हुई बारिश से प्रदेश में बारिश की कमी तेजी से कम हुई है। सोमवार तक सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की जा रही थी, जो अब घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। अब तक प्रदेश में औसतन 12.1 इंच (307.9 मिमी) वर्षा दर्ज हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक 13.7 इंच (347.7 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 8 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
इन तीन मौसम प्रणाली से हो रही लगातार बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के ऊपर 7.6 किलोमीटर तक फैला ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सबसे प्रभावी प्रणाली है। इसके साथ बीकानेर से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय मानसून द्रोणिका लगातार नमी पहुंचा रही है। वहीं पूर्व-पश्चिम शियर जोन ऊपरी वायुमंडल में बादलों को तेजी से विकसित कर रहा है। इन तीनों प्रणालियों के संयुक्त असर से कई स्थानों पर कम समय में तेज बारिश हो रही है।
41 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम
लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि अगले कुछ दिन इसी तरह बारिश जारी रही तो अधिकांश जिलों में वर्षा का घाटा काफी हद तक पूरा हो सकता है।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
बारिश के आंकड़ों में देवास फिलहाल प्रदेश में सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 18.5 इंच वर्षा हो चुकी है। बालाघाट में लगभग 18 इंच, सीहोर में 17.2 इंच और भोपाल में 16.4 इंच बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर आलीराजपुर में अब तक सबसे कम करीब ढाई इंच वर्षा हुई है।
प्रदेश की सामान्य मानसूनी वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के शेष दिनों में यदि मजबूत मौसम प्रणालियां सक्रिय रहीं तो बारिश का मौजूदा घाटा काफी हद तक पूरा हो सकता है और प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून की स्थिति और बेहतर होगी।








