Murder: खुन्नस में बेटा बना काल, कुल्हाड़ी से काटकर मारा, खुद थाने पहुंचकर बोला- पत्नी से अलगाव…

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न्नाव जिले में पत्नी से संबंध विच्छेद के लिए पिता और मां को जिम्मेदार मान रहे बेटे ने शनिवार शाम भाजपा कार्यकर्ता पिता की गर्दन और जबड़े पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। घटना के समय पिता गांव से 600 मीटर दूर खुद के बनवाए शनि मंदिर में पूजा कर रहे थे।

रात करीब आठ बजे हुई इस घटना के समय पास में ही मौजूद गांव के एक युवक ने बचाने का प्रयास भी किया। हालांकि, वो सफल नहीं हो सका। भागकर उसने गांव में लोगों को सूचना दी। ग्रामीणों के अनुसार हत्यारोपी बुजुर्ग मां की भी हत्या करने इरादे से घर पहुंचा, लेकिन वह घटनास्थल पर जा चुकी थीं।

खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंचा
इसके बाद वह खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर औरास थाने पहुंचा और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। पार्टी कार्यकर्ता की मौत की सूचना पर भाजपा विधायक भी मौके पर पहुंचे। औरास थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत उटरा डकौली के मजरा चमारन खेड़ निवासी प्रमोद रावत उर्फ रेवती (58) भाजपा के सफीपुर विधानसभा क्षेत्र के हैदराबाद मंडल के अध्यक्ष थे।

600 मीटर दूर बाग में भी बनवाया था मंदिर
वह खेती करते थे। गांव से करीब 600 मीटर दूर बाग में मंदिर भी बनवाया था। शनिवार रात करीब आठ बजे प्रमोद मंदिर में पूजा करने गए थे। इसी बीच पहुंचा सबसे बड़े बेटे सोनेलाल रावत ने पिता की गर्दन और चेहरे सहित अन्य अंगों पर कुल्हाड़ी से कई हमले किए।

 

गांव के एक युवक ने बीच बचाव करने का प्रयास किया
गर्दन धड़ से लगभग अलग हो गई है। इसी दौरान मंदिर के पास ही मौजूद गांव के एक युवक ने देखा, तो वह बीच बचाव करने पहुंचा,  तो हत्यारोपी सोनेलाल ने उसपर भी हमला करने का प्रयास किया तो उसने भाग कर प्रमोद रावत की पत्नी देशकुमारी व गांव वालों को घटना की जानकारी दी।

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सात साल पहले छोड़ गई थी पत्नी
पत्नी देशकुमारी ने बताया कि चार बेटों में सबसे बड़े सोनेलाल की शादी 20 साल पहले हुई थी। दो बच्चों में सूर्या (18) और बेटी अंजली (11) साल की है। सोनेलाल सहित चारों बेटे चंडीगढ़ में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। सोनेलाल का उसकी पत्नी किशाना से पारिवारिक कारणों को लेकर विवाद चल रहा था।

दोनों में संबंध विच्छेद हो गया था
किशाना सात से मायके लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र के गोड़वा में रह रही है। बेटी अंजली भी मां के साथ रहती है और बेटा सूर्या पिता व चाचा के साथ ही चंडीगढ़ में रहता है। विवाद हल न होने पर दंपती और उनके परिजनों की सहमति पर छह महीने पहले दोनों में संबंध विच्छेद हो गया था।

जमीन व संपत्ति में बंटवारे के लिए भी कहता था
मां के अनुसार पत्नी से अलगाव के लिए वह (बेटा) उन्हें व पति (माता-पिता ) को वजह मानता था। वह अक्सर जमीन व संपत्ति में बंटवारे के लिए भी कहता था, लेकिन पति मरने के बाद ही संपत्ति का बंटवारा चारों भाइयों में होने की बात कहते थे। इसी बात पर खुन्नस खाता था।

चंडीगढ़ में रैपिडो चलाता था हत्यारोपी
पिता की हत्या का आरोपी सोनेलाल के तीन छोटे भाई दीपक, मुकेश और विक्रम चंडीगढ़ में ही रहते हैं। सोनेलाल चंडीगढ़ में रहकर रैपिडो चलाता था। दस दिन पहले वह गांव आने की बात कहकर चंडीगढ़ से निकला था लेकिन घर आने की बजाय वह ससुराल लखनऊ के बंथरा थाना के गांव गोड़वा चला गया।

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कोई चिंता न होने का ताना देता
पत्नी, बेटी और ससुराल वालों से मिलने के बाद छह दिन पहले गांव आया था। मां देशकुमारी के अनुसार सोनेलाल पिता से काम-धंधा करने के लिए गांव की कुछ जमीन बेचकर रुपये देने या उसके हिस्से की जमीन देने की बात कह रहा था, लेकिन पिता इसके लिए तैयार नहीं थे।

ज्यादातर समय बाग में बनवाए मंदिर में रहता था
इससे वह अक्सर माता-पिता को उसकी और उसके परिवार की कोई चिंता न होने का ताना देता था। चंडीगढ़ से आने के बाद से गांव में कोई काम न होने से वह ज्यादातर समय बाग में पिता के बनवाए मंदिर में रहता था। शनिवार रात को जैसे ही पिता मंदिर पहुंचे, तो उनकी हत्या कर दी। हालांकि औरास थाना प्रभारी ने उसे मानसिक बीमार बता रहे हैं।

जानता था पिता दीपक जलाने जरूर आएंगे, योजना बनाकर हत्या
प्रमोद कहीं भी व्यस्त हों लेकिन शनिवार की शाम को मंदिर में दीपक जलाने जरूर जाते थे। इस कारण बेटे ने पहले से ही साजिश की जैसे ही पिता मंदिर पहुंचे और दीपक जलाने के लिए झुके उसने ताबड़तोड़ वार करके हत्या कर दी।

 

पिता मेरी कोई बात नहीं मानते थे
पुलिस हिरासत में बैठे सोनेलाल ने बताया कि पिता उसकी कोई बात नहीं मानते थे। पत्नी से अलगाव हो गया था। वह दूसरी शादी कराने के लिए कह रहा था तो उसके लिए भी तैयार नहीं थे। काम धंधा शुरू करने के लिए रुपये या जमीन बेचने को कहा तो भी तैयार नहीं हो रहे थे। हर बार डांट-फटकार कर भगा देते थे।

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