पूर्व मंत्री आजम खां और उनकी जौहर ट्रस्ट पर ईडी की कार्रवाई की वजह यूनिवर्सिटी के भवनों के निर्माण में सरकारी विभागों के धन का दुरुपयोग, फर्जी दानदाता, डमी ट्रस्टी और यूनिवर्सिटी के निर्माण में बड़े पैमाने पर काले धन का इस्तेमाल का आरोप है। ईडी द्वारा बीते चार साल से इसकी गहन जानकारी जुटाई जा रही थी।
सूत्रों के मुताबाकि, जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में आठ सरकारी विभागों का करीब 110 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया था। आयकर विभाग की जांच में जौहर विश्वविद्यालय में अवस्थापना संबंधी कार्यों में इन विभागों का करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने के प्रमाण मिले थे।
वहीं आयकर विभाग द्वारा जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद करने से जुड़े आदेश का भी गहनता से अध्ययन भी किया था। माना जा रहा है कि ईडी गैरकानूनी तरीके से बनाए गए भवनों को मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत जब्त करने की कार्रवाई करेगा। इन भवनों को ध्वस्त करने का आदेश डीएम रामपुर द्वारा बीते दिनों दिया गया था हालांकि कमिश्नर ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी।







