राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को वित्तीय अनियमितताओं के साथ दान में मिले गहनों में भी गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। जांच में आशंका जताई जा रही है कि श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए गहनों को गलाकर उनका मूल स्वरूप बदला गया और बाद में उनमें हेरफेर की गई। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
गहनों में गड़बड़ियां, बड़ों पर सवाल
लाखों-करोड़ों रुपये के कीमती गहने श्रद्धालुओं ने दान दिए हैं। कई दान देने वालों ने सवाल भी उठाए हैं। ऑडिट में भी इसका जिक्र नहीं है। एसआईटी इस पहलू को बहुत ही गंभीरता से जांच रही है। इसका पूरा काम चंपत राय के कहने पर टिन्नू देखता था। सूत्र बताते हैं कि गहनों को गलाया भी जाता था। अंदेशा है कि इसी के बाद कहीं न कहीं गलाए गए गहनों को इधर से उधर किया जाता था। एसआईटी को कुछ सुबूत व गवाह तो मिले हैं, लेकिन देखना यह होगा कि इसको वह साबित कैसे करेगी। अगर यह सही है तो इसमें भी चंपत राय की जिम्मेदारी तय होगी।
लाखों-करोड़ों रुपये के कीमती गहने श्रद्धालुओं ने दान दिए हैं। कई दान देने वालों ने सवाल भी उठाए हैं। ऑडिट में भी इसका जिक्र नहीं है। एसआईटी इस पहलू को बहुत ही गंभीरता से जांच रही है। इसका पूरा काम चंपत राय के कहने पर टिन्नू देखता था। सूत्र बताते हैं कि गहनों को गलाया भी जाता था। अंदेशा है कि इसी के बाद कहीं न कहीं गलाए गए गहनों को इधर से उधर किया जाता था। एसआईटी को कुछ सुबूत व गवाह तो मिले हैं, लेकिन देखना यह होगा कि इसको वह साबित कैसे करेगी। अगर यह सही है तो इसमें भी चंपत राय की जिम्मेदारी तय होगी।








