मथुरा में मंगलवार शाम आई आंधी ने तबाही मचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़, विद्युत खंभों के साथ-साथ ब्रज-84 कोस परिक्रमा मार्ग में लगाए गए भंडारों व शिविरों के टेंट उड़ गए। देर रात तक बारिश के आसार बने रहे।
मंगलवार सुबह से ही तेज धूप रही। दिन का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बीते दिनों आंधी-बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज थी। वहीं मंगलवार शाम को अचानक मौसम बदल गया। धूल भरी आंधी से होर्डिंग, बैनर, पेड़ और ब्रज-84 कोस परिक्रमा मार्ग में लगे शिविरों के पंडाल उखड़ गए। करीब 30 मिनट की आंधी में कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने आज भी बारिश और आंधी के आसार जताए हैं।
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तेज आंधी से उड़े बिजली के फ्यूज, घंटों बाधित रही आपूर्ति
तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर बिजली के फ्यूज उड़ गए और लाइनों में तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते गोपीनाथ बाजार, गौतमपाड़ा, चैतन्य विहार, बुर्जा, रुक्मिणी विहार, रंगजी मंदिर क्षेत्र, ओमेक्स, पुष्पांजलि बैकुंठ, बांकेबिहारी मंदिर मार्ग समेत दर्जनों इलाकों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही। बिजली कटौती के कारण लोगों को घरों और दुकानों में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे लोग घरों से निकलकर सड़कों और खुले स्थानों पर बैठने को मजबूर हो गए। मंदिर क्षेत्र में दर्शन के लिए आए श्रद्धालु भी बिजली न होने से गर्मी से बेहाल दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी थमने के काफी देर बाद भी कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे पेयजल आपूर्ति और अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए। विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर फॉल्ट तलाशने और आपूर्ति बहाल करने का कार्य शुरू किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर तकनीकी खराबी आई थी, जिन्हें दूर कर अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई। शेष स्थानों पर भी मरम्मत कार्य जारी रहा। गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
आंधी और बूंदाबांदी से बिजली गुल
तेज आंधी और बूंदाबांदी का असर शहर की विद्युत व्यवस्था पर भी देखने को मिला। तेज हवा के कारण कई स्थानों पर बिजली की लाइनों में फाल्ट आ गया, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित हो गई। कई इलाकों में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को उमस और गर्मी के बीच परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार आंधी के दौरान पेड़ों की डालियां और अन्य वस्तुएं बिजली लाइनों से टकराने के कारण दर्जनों स्थानों पर तकनीकी खराबी उत्पन्न हो गई।
कृष्णानगर, मसानी, कैंट, जयगुरुदेव, औरंगाबाद, लक्ष्मी नगर आदि सब स्टेशनों से संचालित कॉलोनियों और मोहल्लों की आपूर्ति बंद करनी पड़ी। विद्युत निगम की तकनीकी टीमें विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचीं और फाल्ट तलाशने का कार्य शुरू किया। कर्मचारियों ने खराब लाइनों, जंपरों और अन्य उपकरणों की मरम्मत कर देर रात तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। अधिकारियों ने बताया कि मौसम खराब होने के बावजूद टीमों ने लगातार काम कर आपूर्ति को सामान्य बनाने का प्रयास किया। विद्युत निगम मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान टूटे हुए तारों या विद्युत उपकरणों के संपर्क में न आएं तथा किसी भी प्रकार की विद्युत समस्या की सूचना तत्काल दें।
आंधी से क्षेत्र में गिरे बिजली के पोल और पेड़, यातायात बाधित
मथुरा के सुरीर में देर शाम आई आंधी के कारण कोतवाली क्षेत्र में खैर-टैंटीगांव मार्ग पर गांव बेरा मोड़ के पास सड़क पर बबूल का पेड़ गिर गया। इसके कारण मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा। बाद में ग्रामीणों ने सड़क पर पड़े पेड़ का हटवाया और आवागमन शुरू कराया। मंगलवार शाम आंधी के साथ क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई। आंधी के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिर गे। चौरासी कोस परिक्रमा में परिक्रमार्थियों की सुविधाओं के लिए लगाए टैंट उखड़ गए। परिक्रमा कर रहे सोनीपत के अजय कुमार, हरियाणा के मनोज कुमार, राजस्थान के दिनेश कुमार और मध्य प्रदेश के वैभव ने बताया कि अचानक आई आंधी व बूंदाबांदी से राहत मिली है। उधर बिजली के पोल गिरने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई।






