दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक महिला की हत्या कर 50 लाख रुपये की बीमा राशि और संपत्ति को हड़पने की साजिश में शामिल आरोपी 46 वर्षीय चंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में आरोपी करीब नौ साल से फरार चल रहा था। उसे बिहार के लखीसराय से 29 मई को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मामले का एक अन्य आरोपी 2018 में मर चुका है। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि 2018 में उसे बुराड़ी थाने में दर्ज हत्या के एक मामले में अदालत ने भगोड़ा बदमाश घोषित किया था। चंदन कुमार, उसके भाई कुंदन कुमार और इनके बहनोई कमल कुमार पर अगस्त 2017 में 43 वर्षीय अनीता देवी की हत्या में शामिल होने का आरोप है। अनीता देवी आरोपी कमल कुमार की बहन थीं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि अनीता देवी की हत्या 50 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी और बुराड़ी के अजीत विहार स्थित एक मकान पर कब्जा करने के लिए साजिश के तहत की थी। मृतका ने अपनी बीमा पॉलिसी में भाई कमल कुमार को नामित किया था और अपनी वसीयत भी उसके बेटे के पक्ष में की थी।
पुलिस उपायुक्त यादव ने बताया कि 22 अगस्त 2017 को बुराड़ी थाना पुलिस को अजीत विहार स्थित एक मकान में हत्या की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने अनीता देवी को खून से लथपथ अवस्था में पाया। उनका गला रेता गया था। जांच के दौरान शुरू में कमल कुमार ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते हुए हत्या का आरोप मृतका के पति गिरधारी लाल पर लगाया था। हालांकि जांच में ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे पता चला कि कमल कुमार ने अपने साले चंदन और कुंदन के साथ मिलकर बहन की हत्या की साजिश रची थी और उसके पति को झूठा फंसाने की कोशिश की थी।
कमल कर्ज में डूबा हुआ था
आजादपुर मंडी के पास एक क्लीनिक चलाने वाला कमल कुमार भारी कर्ज में था। उसने बीमा राशि और संपत्ति हासिल करने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची थी। जांच में पता चला था कि वारदात में इस्तेमाल चाकू हत्या से पहले आजादपुर मंडी क्षेत्र से खरीदा था। 2017 में कमल कुमार को गिरफ्तार किया था, जबकि चंदन और कुंदन घटना के बाद फरार हो गए थे। कुंदन की मौत हो चुकी है।







