पश्चिम बंगाल में हत्या के मामले में कई महीनों से फरार चल रहे पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए। लेकिन उनकी गिरफ्तारी किसी बड़े छापे में नहीं, बल्कि कथित शराब पीकर गाड़ी चलाने और सड़क हादसा करने के बाद हुई। न्यू टाउन इलाके में तेज और लापरवाही से कार चलाने के दौरान एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार व्यक्ति वही प्रशांत बर्मन हैं, जो पहले से एक कारोबारी की हत्या के मामले में आरोपी हैं।
कैसे हुआ पूर्व बीडीओ का खुलासा?
पुलिस के मुताबिक, सोमवार देर रात न्यू टाउन के इको पार्क थाना क्षेत्र में एक कार ने सड़क किनारे चल रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी। हादसा सिटी सेंटर-2 के पास मंदिर जाने वाली सड़क पर हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार चालक शराब के नशे में लग रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान चालक ने पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की और ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराने से भी इनकार कर दिया। जांच के दौरान उसकी पहचान पूर्व राजगंज बीडीओ प्रशांत बर्मन के रूप में हुई।
हत्या केस में क्यों फरार था प्रशांत बर्मन?
- प्रशांत बर्मन पर एक सोना कारोबारी के अपहरण और हत्या के मामले में शामिल होने का आरोप है।
- यह मामला साल 2025 का बताया जा रहा है, जिसकी जांच विधाननगर पुलिस का डिटेक्टिव डिपार्टमेंट कर रही है।
- सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में बर्मन को सरेंडर करने का निर्देश दिया था।
- इसके बाद जनवरी में पश्चिम बंगाल सरकार ने उसे जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज बीडीओ पद से हटा दिया था।
- इसके बावजूद वह कई महीनों से फरार चल रहा था और पुलिस उसे तलाश रही थी।
हादसे के बाद क्या करने की कोशिश की?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद प्रशांत बर्मन मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, स्थानीय लोगों और पुलिस की सतर्कता के कारण वह भाग नहीं सके। पुलिस ने उसे वहीं रोक लिया और इको पार्क थाने ले जाया गया। मेडिकल जांच और शुरुआती पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण वह कार पर नियंत्रण खो बैठे थे, जिससे यह हादसा हुआ।







