11 साल बाद आतंकवाद मामले में अब्दुर रहमान बरी, अदालत ने सबूतों को बताया अपर्याप्त, जानें क्या थे आरोप

Spread the love

रीब 11 साल पुराने आतंकवाद से जुड़े एक चर्चित मामले में ओडिशा के कटक की एक अदालत ने मौलाना अब्दुर रहमान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सबूत पेश नहीं कर पाया। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गवाहों के बयान और पेश किए गए सबूत इतने मजबूत नहीं थे कि उनके आधार पर आरोप तय किए जा सकें।

मौलाना अब्दुर रहमान पर क्या लगे थे आरोप?
अब्दुर रहमान को साल 2015 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा यानी एक्यूआईएस से संबंध रखने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी गतिविधियों के लिए लोगों की भर्ती करने के आरोप लगाए गए थे। जांच एजेंसियों का दावा था कि वह कटक के पास तांगी इलाके में एक मदरसा चलाते थे, जहां झारखंड के गरीब परिवारों के बच्चों को रखा जाता था। आरोप था कि वहां बच्चों को खराब परिस्थितियों में रखा गया था। उन पर यह आरोप भी लगाया गया था कि उन्होंने 2015 में दो बार सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की थी। इसके अलावा उनके जम्मू-कश्मीर कई बार जाने की बात भी जांच में सामने आने का दावा किया गया था।

 

NIA के साथ-साथ राज्य पुलिस ने दर्ज किए थे केस
इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), झारखंड के जमशेदपुर पुलिस और कटक कमिश्नरेट पुलिस सहित कई एजेंसियों ने अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। बाद में मामले की जांच ओडिशा क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। ओडिशा क्राइम ब्रांच ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह की धाराएं भी लगाई थीं। हालांकि अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन गंभीर आरोपों को साबित करने में सफल नहीं रहा।

और पढ़े  बड़े एलान: हर माह 3000 पाने के लिए 27 मई से फॉर्म भरें महिलाएं, ₹5 में मिलेगी मछली-चावल की थाली

16 दिसंबर 2015 की रात हुई थी गिरफ्तारी
अब्दुर रहमान को 16 दिसंबर 2015 की रात दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने कटक के पास उनके घर पर छापेमारी कर गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने उनका पासपोर्ट, मोबाइल फोन, टैबलेट और कुछ दस्तावेज जब्त किए थे। वहीं, रहमान के परिवार ने शुरुआत से ही उन पर लगे सभी आरोपों को गलत बताया था। अब अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


Spread the love
  • Related Posts

    Car: कार बनी आग का गोला, अजमेर में एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत, बिलख उठे परिजन

    Spread the love

    Spread the loveराजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव के पास चलती…


    Spread the love

    लड़की की नीले ड्रम में मिली लाश: 3 दिन से लापता थी नेहा, प्रेम संबंधों में हत्या की आशंका, मिले ऐसे निशान

    Spread the love

    Spread the loveपटियाला की रेलवे कॉलोनी इलाके में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब डीसीडब्ल्यू पुल के पास कूड़े के ढेर में पड़े नीले ड्रम से एक युवती…


    Spread the love