आज गुवाहाटी सिर्फ शपथ ग्रहण का गवाह नहीं बनेगा, बल्कि असम की राजनीति का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी देखेगा। गुवाहाटी के खानापारा में होने वाले समारोह के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार सत्ता संभालेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है। भाजपा इस शपथ ग्रहण को पूर्वोत्तर में अपनी लगातार मजबूत होती पकड़ के प्रतीक के तौर पर पेश कर रही है। चुनाव में विकास, कानून-व्यवस्था और आक्रामक संगठनात्मक रणनीति के दम पर एनडीए ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की। अब नजरें नए मंत्रिमंडल और हिमंत सरकार के अगले बड़े संदेश पर टिकी हैं।
हिमंत बिस्व सरमा शपथ ग्रहण के लिए घर से रवाना हुए
भारतीय जनता पार्टी के नेता हिमंत बिस्व सरमा शपथ ग्रहण के लिए अपने आवास से रवाना हुए।
आज का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है: अतुल बोरा
एनडीए के सहयोगी और असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा कि आज का दिन बहुत खास और ऐतिहासिक है, जिसे वह जीवनभर याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है। बोरा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में जिस तरह काम हुआ है, उसी के कारण जनता ने भारी संख्या में वोट दिया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार जताया। बोरा ने कहा कि एनडीए सरकार के पिछले पांच वर्षों में जो काम हुआ है, वह आजादी के बाद से अब तक सबसे बड़ा और अभूतपूर्व है। यही कारण है कि लोग खुश हैं और आज राज्य के हर कोने से लोग यहां पहुंच रहे हैं।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी गुवाहाटी पहुंचे
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी गुवाहाटी पहुंच गए हैं। वह नवनिर्वाचित असम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे, जिसका नेतृत्व हिमंत बिस्व सरमा करेंगे। मंगलवार को हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बड़ी जीत के बाद हो रहा है। चुनाव में एनडीए को 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें मिली हैं।
यह एनडीए की राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार होगी। इससे पहले 2016 में यह गठबंधन सत्ता में आया था, जब मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सर्वानंद सोनोवाल को दी गई थी। सरमा (57 वर्षीय) राज्य के पहले गैर कांग्रेस नेता हैं, जो लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं।






