राजस्थान के कोटा जिले में न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद दो प्रसूताओं की मौत और चार महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब संभाग के सबसे बड़े जेके लोन अस्पताल से भी गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक प्रसूता की सिजेरियन डिलीवरी के बाद मौत हो गई, जबकि अस्पताल में भर्ती दो अन्य महिलाओं की किडनी फेल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
डिलीवरी के कुछ घंटों बाद बिगड़ी महिला की हालत
जानकारी के अनुसार, बूंदी जिले के सुवासा निवासी रोहित महावर की पत्नी प्रिया की 8 मई को अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 9 मई को उसकी डिलीवरी करवाई गई, लेकिन डिलीवरी के कुछ घंटों बाद ही उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। देर रात महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
परिजनों के मुताबिक प्रिया की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने महिला का समुचित ध्यान नहीं रखा। उनका कहना है कि महिला रातभर दर्द से तड़पती रही और समय पर उचित देखभाल नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
दो अन्य महिलाओं की किडनी फेल, नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती
इसी बीच अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाएं आरती और पिंकी की तबीयत भी गंभीर हो गई। दोनों महिलाओं की किडनी फेल हो गई और उनका यूरिन आना बंद हो गया था। स्थिति बिगड़ने पर दोनों को तत्काल न्यू मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी वार्ड में शिफ्ट किया गया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।
अस्पताल अधीक्षक ने महिला की स्थिति पहले से गंभीर बताई
जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉक्टर निर्मला शर्मा ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि महिला की तबीयत पहले से ही काफी खराब थी। शुरुआत में नॉर्मल डिलीवरी कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन स्थिति अधिक बिगड़ने पर सिजेरियन डिलीवरी करनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि डिलीवरी के बाद महिला को लगातार दर्द की शिकायत होने लगी थी। इसके बाद कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह ली गई और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी दिखाया गया। डॉक्टर निर्मला शर्मा के अनुसार महिला के परिजनों ने सीने में दर्द की शिकायत बताई थी, जिसके बाद तत्काल उपचार शुरू किया गया, लेकिन देर रात महिला की मौत हो गई।
अन्य गर्भवती महिलाओं की स्थिति सामान्य बताई गई
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जिन दो महिलाओं को किडनी संबंधी समस्या हुई थी, उन्हें न्यू मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है और अब वे खतरे से बाहर हैं। वहीं अस्पताल में भर्ती अन्य गर्भवती महिलाओं की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन के अनुसार सभी चिकित्सक पूरी गंभीरता के साथ मरीजों का उपचार कर रहे हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।







