इस आग में जला नोएडा: याद आई 13 साल पुरानी कहानी, तब भी थीं वही मांगें, हंगामा भी उतना, पर कुछ नहीं बदला

क बार फिर 13 साल बाद वेतन की जंग में यूपी का शो विंडो नोएडा जल गया। श्रमिकों का दर्द बढ़ा तो शहर की फिजा दागदार हो गई। आज से 13 साल पहले भी नोएडा में श्रमिकों का उग्र आंदोलन हुआ था। 13 साल बाद भी श्रमिकों की मांगें वही और हंगामा भी उतना ही बड़ा हुआ। बदला कुछ नहीं। श्रमिकों का कहना है कि हर बार शासन प्रशासन आश्वासन देता है लेकिन उनकी सुनवाई पूरी नहीं होती है।

 

पहले भी मदरसन से हुई थी शुरुआत
वर्ष 2013 फरवरी में भी मजदूरों व ट्रेड यूनियन की हड़ताल थी। इसके बाद फेज टू इलाके से ही हड़ताल व प्रदर्शन हिंसक हो गया था। उस दौरान भी शहर के सारे औद्योगिक सेक्टरों में ऐसा ही बवाल हुआ था और इसमें पांच सौ से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ हुई थी। 50 से अधिक गाड़ियां को नुकसान पहुंचाया गया था। उस समय भी इस घटना की शुरुआत फेज टू स्थित मदरसन कंपनी से हुई थी। इसके बाद पूरे शहर में अफवाहों के बीच स्थिति अनियंत्रित हो गई थी। 

Noida labour protest 13 years ago also there was violent protest over salary

 

हुआ था कई सौ करोड़ का नुकसान
एनईए के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि वर्ष 2013 में भी उद्योग व उद्यमियों को इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ी थी। उस वक्त भी कई सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस घटना के बाद शासन की तरफ से एक टीम भेजी गई थी और हिंसा का आकलन किया गया था। इस दौरान श्रमिकों के लिए भी कई घोषणाएं की गई थी लेकिन उसका अब तक कुछ नहीं हुआ। अब एक बार फिर वेतन बढ़ाने को लेकर श्रमिकों ने हंगामा और हिंसा का सहारा लिया।

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200 से अधिक हिरासत में
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि इस उपद्रव को लेकर पुलिस अलर्ट है। इस मामले में अब तक 60 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और इन्हें गिरफ्तार किया गया है। 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। सोमवार को 60 से 70 स्थानों पर प्रदर्शन हुआ था। पुलिस ने काफी संयम से काम लिया है। प्रदर्शनकारियों को बताया गया है कि कानून व्यवस्था को अपने हाथ में न लें। उनकी मांगों को पूरा करने के लिए शासन प्रशासन की तरफ से कवायद की जा रही है।

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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
– कानून द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाए।
– ओवरटाइम पर दो गुना भुगतान किया जाए।
– हर महीने 10 तारीख तक वेतन मिले और इसका स्लिप भी दिया जाए।
– सप्ताह में एक दिन अवकाश हो, साप्ताहिक अवकाश पर काम कराने के एवज में दो गुना भुगतान हो।
– सुरक्षा मानकों का पूरा पालन किया जाए।

 

 

पुलिस हेडक्वार्टर से नोएडा पर नजर
सोमवार को नोएडा में हुए हिंसक प्रदर्शन के बीच लखनऊ से मॉनिटरिंग की जाने लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस घटना को लेकर पल पल की जानकारी लेते रहे। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश पुलिस कंट्रोल रूम से नोएडा की हिंसा पर निगरानी रखते रहे। इस दौरान अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश दिए गए।

 

 

 

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