पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि असद अपने कुछ साथियों से मिलने थाना खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। उनसे कुछ पैसे लेकर वह बाहर भागने की फिराक में था। पुलिस पूरे क्षेत्र में लगातार कॉम्बिंग एवं बैरियर लगाकर चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान वसुंधरा क्षेत्र में असद अपने एक साथी के साथ बाइक से आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। असद ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में बाइक सवार असद पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों ने असद को मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में थाना खोड़ा में तैनात एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गया है। मुठभेड़ के दौरान असद का दूसरा साथी भागने में कामयाब रहा। असद से एक पिस्टल और पिस्टल बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, सूर्या व मुख्यारोपी पहले से परिचित थे। दोनों अक्सर मिलते भी थे। बकरीद पर कुर्बानी दिखाने के लिए आरोपी ने सूर्या को बुलाया था। पहले तो सूर्या ने आरोपी से मना किया था। इसके बाद ईद की पार्टी और मुबारकबाद देने की बात कही। कुछ देर की बातचीत के बाद सूर्या आरोपी की बुलाई जगह पहुंचा। इसके बाद यहां आरोपी किशोर ने वारदात को अंजाम दिया। शनिवार की सुबह से ही पीड़ित परिवार के घर लोगों का आना-जाना लगा रहा।
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय हनुमान दल और हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा सुबह से ही परिवार के साथ सड़क पर बैठे रहे। उन्होंने परिवार को न्याय मिलने तक हर कदम पर साथ रहने की बात कही।
सूर्या हत्याकांड में 10 घंटे हंगामा
खोड़ा की नवनीत विहार निवासी 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या (17) के अंतिम संस्कार से पहले शनिवार को करीब 10 घंटे तक तनाव और हंगामा चलता रहा। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के चलते पोस्टमार्टम के बाद दोपहर लगभग 1:30 बजे शव घर पहुंचते ही माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस बीच परिवार व स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। वह आरोपियों के एनकाउंटर, घर पर बुलडोजर चलाने और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। करीब चार घंटे तक चली बातचीत के बाद प्रशासन के आश्वासन पर सहमति बनी। सरकार की ओर से परिवार को सुरक्षा, शस्त्र लाइसेंस और आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया गया।
28 मई को बकरीद के मौके पर सूर्या को कुर्बानी दिखाने के बहाने उसके नाबालिग दोस्त ने बुलाया था। आरोप है कि उसी दौरान समुदाय विशेष के युवकों ने चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। वारदात से क्षेत्र में तनाव फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद जब कफन में लिपटा हुआ सूर्या का शव घर लाया गया तो मां सरोज ठाकुर बेटे के हत्यारों का एनकाउंटर करने की मांग करने लगीं। यह कहते-कहते वह बेसुध हो गई। इस बीच परिवार, स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी एकत्र हो गए। सभी ने आरोपियों के एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। हालांकि, सुबह से ही पुलिस अधिकारी परिवार से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। दोपहर करीब 3:45 बजे दाह संस्कार के लिए शव ले जाने की तैयारी हुई, लेकिन हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के पहुंचने से लोग फिर रुक गए। शाम करीब 4:12 बजे शव को एंबुलेंस में रखकर गाजीपुर स्थित श्मशान घाट ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपाध्यक्ष संतोष सिंह और मुख्यमंत्री के ओएसडी ने भी पीड़ित परिवार से बात कर सांत्वना दी।
वायरल हुई फुटेज
शनिवार को मामले की एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें करीब 4-5 लोग किशोर को घेरकर पकड़े दिखाई दे रहे हैं। इसे वारदात के समय का बताया जा रहा है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज वारदात के बाद का है। हालांकि, अमर उजाला फुटेज की पुष्टि नहीं करता है।
दुकानों पर ताले, गलियों में सन्नाटा
छात्र की हत्या के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश व तनाव की स्थिति है। शनिवार को माहौल बिगड़ने की आशंका पर सुबह से ही फोर्स की तैनाती ने लोगों की दिलों में डर पैदा कर दिया। आलम यह रहा कि खोड़ा क्षेत्र में आधे से अधिक दुकानें बंद रहीं। कहीं दुकानें खुली तो पूरा शटर उठाने की जगह आधा शटर या दरवाजा ही खुला रखा। इलाके की गलियों में सन्नाटा पसरा था। घरों की छत पर खड़े होकर लोग बस नीचे चल रही गतिविधियों को देख रहे थे।
माहौल बिगाड़ने का आरोप
सूर्या की हत्या से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि मार्च 2026 में होली के दिन दिल्ली के उत्तम नगर निवासी तरुण की पीट-पीटकर हत्या की गई थी। बकरीद पर फिर इस तरह की वारदात सामने आने से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि त्योहार के मौके पर जान-बूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। लोगों ने मांग की है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद राज्य मंत्री सुनील कुमार शर्मा पीड़ित के आवास पर पहुंचे। इस अपराध की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि “उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी अपराध करेगा, उसे कड़ी सजा मिलेगी। सूर्या चौहान के हत्यारे असद ने पहले एक नाबालिग बच्चे की बेरहमी से हत्या की और फिर पुलिस पर हमला किया। इसलिए, उसे उसका उचित न्याय मिल गया है। सरकार पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर काम करती है और नियमों का पालन करती है। इस अपराधी को आज पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया। बाकी साथियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और कानून पूरी तरह से निष्पक्ष रहेगा।
‘बाकी बचे छह आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला देना चाहिए’
सूर्या की मां सरोज कहती हैं कि मैं PM मोदी, CM योगी और मीडिया के उन लोगों का भी धन्यवाद करती हूं जिन्होंने हमारी आवाज उठाई और मेरे बच्चे को इंसाफ मिला। बाकी बचे छह आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला देना चाहिए।