प्रदेश में नए गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा की शुरुआत, पायलट प्रोजेक्ट के तहत 19 जिलों में भेजे जाएंगे

यूपी परिवार नियोजन के मामले में नवाचार करने जा रहा है। यह नवाचार महिलाओं को लगने वाले गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा में होगा। अंतरा सब क्यूटेनियन (अंतरा- एससी) नाम से तैयार नया इंजेक्शन पहले के मुकाबले जहां ज्यादा असरकारी है, वहीं इससे संक्रमण का खतरा भी कम होगा। इसे लगवाने का तरीका भी पहले से आसान होगा। इसकी शुरुआत बुधवार से हो रही है। पहले चरण में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 19 जिलों में शुरू किया जा रहा है।

 

दरअसल, गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा हर तीन माह में लिया जाता है। प्रदेश में हर माह करीब छह लाख इंजेक्शन की मांग है। अब तक यह इंजेक्शन कूल्हे अथवा बांह में लगाना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह बात सामने आई कि इसे त्वचा की ऊपरी परत के नीचे चर्बी में दिया जाए तो फायदा ज्यादा होगा। जिस तरह से मधुमेह के मरीज इंजेक्शन लेते हैं उसी तरह से इसे आसानी से लिया जा सकता है।

ऐसे में अब इस इंजेक्शन को नए रूप में तैयार किया गया है। इसका नाम अंतरा सब क्यूटेनियन (अंतरा- एससी) रखा गया है। प्रदेश में एक अप्रैल से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसका वितरण शुरू किया जाएगा। पहले चरण में 19 जिलों में 40 हजार इंजेक्शन दिया जाएगा। फिर इसे चरणवद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।परिवार नियोजन के संयुक्त निदेशक डॉ. सुशील कुमार बनियान ने बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता केवल विकल्प उपलब्ध कराने में नहीं, बल्कि उन्हें लोगों तक सरल और नियमित रूप से पहुंचाने में है। अंतरा–एससी इस चुनौती का व्यावहारिक समाधान देता है। 

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रायबरेली-लखनऊ समेत इन जिलों से शुरुआत

पहले चरण में 19 जिलों की चयनित स्वास्थ्य इकाइयों में यह इंजेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, हरदोई, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली शामिल हैं।

संक्रमण का खतरा कम
परिवार नियोजन कार्यक्रम के महाप्रबंधक डॉ. सूर्यांशु ओझा ने बताया कि अंतरा–एससी सिंगल-डोज गर्भनिरोधक इंजेक्शन है। यह एक बार लेने पर तीन माह तक प्रभावी सुरक्षा देता है। इसे त्वचा के नीचे आसानी से लगाया जा सकता है, जिससे दर्द कम होता है। पारंपरिक अंतरा (इंट्रामस्कुलर) की तुलना में इसमें कम खुराक के साथ समान प्रभावशीलता है। यह सिंगल-यूज इंजेक्शन होने के कारण संक्रमण का जोखिम नहीं रहता और यह लगभग 70 फीसदी तक कम बायोमेडिकल वेस्ट उत्पन्न करता है।

अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी राष्ट्रीय परिवार नियोजन हेल्पलाइन (टोल-फ्री: 1800-11-6555) पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण की शुरुआत की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह इंजेक्शन सिर्फ नए लाभार्थियों को दिया जाएगा। संबंधित जिलों में चिकित्सा विशेषज्ञों, स्टाफ नर्स, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। राज्य स्तर से एफएलएमआईएस पोर्टल से इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

नौ विकल्प होंगे उपलब्ध
अंतरा–एससी का शुभारंभ प्रदेश में परिवार नियोजन सेवाओं को नई दिशा और विस्तार देगा। अब बास्केट ऑफ चॉइस में 9 विकल्प उपलब्ध होंगे। यह महिलाओं के लिए अधिक सरल, सुविधाजनक और प्रभावकारी है। हमारा लक्ष्य है कि हर महिला को सुरक्षित और सुविधाजनक गर्भनिरोधक विकल्प उपलब्ध हो। – डॉ. पिंकी जोवेल, निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

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