हल्द्वानी में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हल्द्वानी दौरे पर न सिर्फ उत्तराखंड की तारीफ की बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत का भी अहसास कराया। उन्होंने कहा कि आज भारत बोलता है तो दुनिया कान खोलकर सुनती है।
एमबी कॉलेज मैदान के मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक मंच पर भारत की बदलती छवि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का मान-सम्मान दुनिया में काफी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को गंभीरता से सुना जाता है, जबकि पहले ऐसा नहीं था। उनके मुताबिक, मोदी सरकार के दौर में भारत की छवि मजबूत हुई है और वैश्विक स्तर पर उसकी भूमिका पहले से ज्यादा प्रभावशाली बनी है।
शांति और संतुलन भारत की नीति
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हमेशा से शांति और संतुलन की नीति पर चलता आया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल युद्ध नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति से निकल सकता है। उन्होंने कहा कि आज कई देशों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। स्थायी समाधान केवल बातचीत और आपसी समझ से ही संभव है।
सरकार बनाने के लिए नहीं, देश के लिए राजनीति
राजनाथ सिंह ने जोरे देकर कहा कि हम सिर्फ सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश बनाने के लिए राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा आज पूरी दुनिया युद्ध से प्रभावित है। युद्ध के बीच हमारे प्रधानमंत्री ने अब तक भारत को संकट में नहीं फसने दिया। मेरी जनता से अपील है कि वो इस कार्य के लिए मोदी जी का समर्थन करें। राजनाथ सिंह ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने तेजी से विकास किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार के प्रयासों से उत्तराखण्ड देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
एक रैंक, एक पेंशन का जिक्र किया
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों और सैनिकों के लिए एक रैंक, एक पेंशन की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया। मैं उत्तराखंड सरकार के प्रति अपने पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के प्रति दिखाई गई चिंता के लिए आभार व्यक्त करना चाहता हूं। चाहे उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना हो, शिक्षा में आरक्षण हो, रोजगार के अवसर हों या उनके लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करना हो, पुष्कर सिंह धामी ने हर मोर्चे पर योगदान दिया है और प्रयास किए हैं।







