हल्द्वानी- रक्षामंत्री राजनाथ का जनसभा में संबोधन, अतिक्रमण करने वालों के लिए उत्तराखंड में एक ही जगह है वो है जेल 

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ल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में जनसभा ने इशारों-इशारों में बड़ी बात कह दी। उन्होंने मंच से सीएम धामी की मौजूदगी में दो टूक कहा कि अतिक्रमण करने वालों के लिए उत्तराखंड में जगह नहीं है।

राजनाथ सिंह ने कहा, हमारा उत्तराखंड देवताओं की भूमि है और हमारी आस्था एवं संस्कृति का केंद्र है, इसलिए इसकी रक्षा करना और इसकी पवित्रता को बनाए रखना जरूरी है। मैं यहां के सभी लोगों से अपील करता हूं कि हमें उत्तराखंड की रक्षा करनी चाहिए और इसकी पवित्रता को बढ़ाना चाहिए। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व और हमारी सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड में अवैध प्रवासियों के लिए कोई जगह नहीं है। उनके नेतृत्व में 10,000 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा पहले उत्तराखंड में घोटाले होते थे। अब यदि कोई घोटाला करता है तो उसका स्थान जेल होता है। 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल पहुंचाकर उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

यहां के लोगों में पर्वत सी अटलता
अपने संबोधन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमि वेदों और देवों की भूमि है। उन्होंने कहा मैं उत्तराखण्डवासियों के स्वभाव से अच्छी तरह परिचित हूं। यहां के लोगों में पर्वत सी अटलता देखने को मिलती है। उत्तराखण्ड आस्था, अध्यात्म और संस्कृति की भूमि है। यह ऋषि-मुनियों की धरती और तपोभूमि है। यहां की ज्ञान, साधना और संस्कारों की परंपरा पूरे राष्ट्र को दिशा देती है।

वीरभूमि उत्तराखंड के अलावा कोई और नहीं
राजनाथ सिंह ने कहा, उत्तराखंड देवभूमि है। हालांकि, अगर भारत में किसी भूमि को ”वीरभूमि” कहा जाता है, तो वह उत्तराखंड के अलावा कोई और नहीं है। जब भी देश की सीमाओं की रक्षा की बात आती है, उत्तराखंड के लोग पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों की जो चिंता की है, उसके लिए उनका आभार। उत्तराखण्ड सरकार ने परमवीर चक्र से सम्मानित जवानों की अनुग्रह राशि को ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ करने का कार्य किया है।

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यह कर्णावती, गौरा देवी और बछेंद्री पाल की धरती
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकारी सेवाओं में भी यहां महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। सरकारी नौकरियों में मातृशक्ति को 30 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। उत्तराखण्ड की धरती नारी सशक्तिकरण की भी भूमि है। यह कर्णावती, गौरा देवी और बछेंद्री पाल की धरती है। यहां की बेटियों ने अपने कार्यों से पूरे भारत का नाम रोशन किया है।


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