बरेली में अपनी सास और साले की हत्या करने वाले आरोपी अफसर खां पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सोमवार को हुए दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस की तीन टीमें आरोपी की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को सुबह करीब छह बजे इज्जतनगर इलाके में पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की। इस पर आरोपी अफसर ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
यह था घटनाक्रम
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव रहपुरा चौधरी में पारिवारिक विवाद को निपटाने के लिए चल रही पंचायत के दौरान अफसर खां (38) ने सोमवार को अपनी सास आसमां (50), साले आदिल (22) और पत्नी सायमा (30) पर चाकू से हमला कर दिया। इससे आसमां और आदिल की मौत हो गई, जबकि सायमा की हालत नाजुक है। वारदात के बाद खून से सना चाकू लहराते हुए आरोपी हवाई अड्डे की ओर भाग गया था। आरोपी की तलाश में तीन टीमें लगाई गई थीं। मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ में पुलिस ने आरोपी को ढेर कर दिया।
ई-रिक्शा/एंबुलेंस चालक अफसर खां ने वर्ष 2017 में चचेरी बहन सायमा (30) से प्रेम विवाह किया था। उनके दो बच्चे फैज (8) और आइशा (5) भी हैं। सायमा की बहन शिफा और अनम के मुताबिक, घर खर्च को लेकर अफसर और सायमा के बीच अक्सर विवाद होता था। अफसर नशे का लती है। वह आए दिन सायमा को पीटता था। शनिवार शाम को भी उसने विवाद किया था। तब आसमां (50) बेटी सायमा को बुलाने उसके घर गई थीं। वहां अफसर ने आसमां के साथ मारपीट की थी। रविवार सुबह सायमा ने 112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली थी। पुलिस ने घर से कपड़े आदि कुछ सामान दिलाकर थाने में तहरीर देने की बात कही और चली गई।
शिफा और अनम के मुताबिक, रविवार शाम को ही सायमा ने इज्जतनगर थाने में पति से जान का खतरा बताते हुए तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद अफसर के कहने पर सोमवार दोपहर एक बजे मोहल्ले के ही सराफा कारोबारी राशिद खां के घर पंचायत बुलाई गई। इसमें सायमा, आसमां और आदिल पहुंचे। राशिद के घर पर उनका रिश्तेदार बबलू और मोहल्ले के तीन-चार अन्य लोग भी मौजूद थे।
राशिद के मुताबिक, पंचायत शुरू होते ही दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। इसी दौरान आदिल ने अफसर को चप्पल मार दी। विरोध में अफसर ने भी चप्पल उठा ली। वह दोनों को रोकने लगे तभी अफसर ने कमर से चाकू निकाल लिया। उसने आसमां, आदिल और सायमा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और वहां से भाग गया। उन्होंने अपनी गाड़ी से तीनों को स्टेडियम रोड स्थित अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने आसमां और आदिल को मृत घोषित कर दिया। सायमा की हालत गंभीर बनी हुई है।
16 साल की उम्र में मामी के साथ मिलकर रेत दिया था मामा का गला
अफसर ने 16 साल की उम्र में वर्ष 2004 में मामी के साथ मिलकर मामा जाकिर खां की हत्या कर दी थी। तब अफसर पर मामी के साथ प्रेम संबंध का भी आरोप लगा था। इसी के विरोध के चलते उसने मामा की हत्या की थी। ससुर नन्हें खां ने बताया कि अफसर ने चाकू से अपने मामा का गला रेता था। घटना के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था और उन्हें जेल भेजा गया था। वर्ष 2015 में वह हाईकोर्ट से जमानत लेकर बाहर आया था।









