सोमवार को बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया। नतीजे आज ही घोषित किए जाएंगे। इस बार कुल 37 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिसमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। राजनीतिक जानकार इसे केंद्र में सत्ता संतुलन और राज्यों की सियासी ताकत का अहम संकेत मान रहे हैं।
RJD विधायक रणविजय साहू बोले- कोई रडार से बाहर नहीं
राजद विधायक रणविजय साहू ने कहा कि यह सिर्फ राज्यसभा का चुनाव नहीं है, बल्कि बिहार और पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि लोग गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं और विपक्षी NDA के लोग रडार से बाहर हो गए हैं । रणविजय साहू ने कहा कि आंकड़ा 50 तक जाएगा और गठबंधन के सभी सदस्य हमारे साथ हैं। यह चुनाव हमारी ताकत और जनता के समर्थन को दिखाने का अवसर है।”
ओडिशा की चार सीटों पर मुकाबला
चुनाव का समीकरण दिलचस्प हो गया है क्योंकि न तो सत्ताधारी भाजपा और न ही मुख्य विपक्षी बीजद के पास चौथी सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक संख्या है। ऐसे में क्रॉस-वोटिंग की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।
उम्मीदवारों का समीकरण और चुनावी गणित
- इस बार के राज्यसभा चुनाव में भाजपा की ओर से दो उम्मीदवार मैदान में हैं।
- राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार।
- इसके अतिरिक्त, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं, जिन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है।
- वहीं, बीजद ने अपने दो प्रमुख नेताओं संतृप्त मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होटा को उम्मीदवार बनाया है।
- कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने बीजद के उम्मीदवारों का समर्थन किया है







