बंगाल के 23 में से 9 जिलों में खाता नहीं खोल पाई TMC, BJP ने किस तरह मतदाताओं को साधा?

Spread the love

श्चिम बंगाल के 23 जिलों में से 9 जिलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का पूरी तरह सफाया कर दिया और इन क्षेत्रों की सभी 68 सीटों पर जीत हासिल की। इसी के साथ भाजपा ने इस बड़े चुनाव में राज्य को पूरी तरह अपने रंग में रंग दिया। राज्य में पहली बार सत्ता में आने वाली भाजपा के लिए इन नौ जिलों का जनादेश यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनाव प्रचार में जो कहा था कि टीएमसी कई जिलों में खाता नहीं खोल पाएगी, वह सही साबित हुआ।

भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया। वहीं, 15 साल से सत्ता में रही टीएमसी करीब 80 सीटों पर सिमट गई। इस नतीजे के साथ भाजपा ने पूर्वी भारत के अपने आखिरी बड़े गढ़ को भी जीत लिया और ‘अंग, बंग और कलिंग’ यानी बिहार, बंगाल और ओडिशा में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

 

शुभेंदु का लगातार बढ़ रहा प्रभाव
भाजपा के प्रदर्शन में सबसे ऊपर पूर्व मेदिनीपुर जिला रहा, जहां पार्टी के प्रमुख नेता शुभेंदु अधिकारी ने पूरी तरह दबदबा बना दिया। भाजपा ने यहां सभी 16 सीटें जीत लीं, जबकि पिछले चुनाव में उसने 15 सीटें जीती थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2020 में भाजपा में शामिल होने के बाद से शुभेंदु अधिकारी का प्रभाव लगातार बढ़ा है, खासकर उनके गृह क्षेत्र कांथी में। 2026 के चुनाव परिणामों ने यह साबित कर दिया कि अब जिले पर उनकी पकड़ पूरी तरह मजबूत हो चुकी है।उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भी टीएमसी और उसके सहयोगी कोई असर नहीं डाल पाए। इन चार जिलों की 18 सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया। पूरे उत्तर बंगाल में 54 सीटों में से 40 सीटें भाजपा ने जीतीं, जबकि यहां टीएमसी की सीटें घटकर 23 से सिर्फ 14 रह गईं।

और पढ़े  18 दिन से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक क्यों, ऐसे अनशन से कब-कब झुकी सरकारें..

जीटीए के भविष्य पर चर्चा तेज
अब जब पहाड़ी क्षेत्रों की सभी सीटें भाजपा के पास हैं, तो गोरखा प्रादेशिक प्रशासन (जीटीए) के भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह संस्था ममता बनर्जी सरकार के समर्थन से चलती थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव के दौरान ‘संविधान के दायरे में पहाड़ों की समस्याओं का स्थायी समाधान’ देने का वादा किया था। इसे भाजपा सांसद राजू बिस्टा ने जीटीए खत्म करने के संकेत के रूप में देखा। टीएमसी के सहयोगी भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के प्रमुख अनित थापा ने हार का कारण राज्य में हुए ‘सरकार के खिलाफ वोट’ को बताया। अनित थापा जीटीए के प्रमुख भी हैं।एक स्थानीय मतदाता ने कहा कि अब लोग यह देखना चाहते हैं कि भाजपा पहाड़ों के लिए क्या स्थायी समाधान लाती है, क्योंकि अब राज्य और केंद्र दोनों जगह उसकी सरकार है। सिलीगुड़ी नगर निगम के महापौर और टीएमसी के हारे हुए उम्मीदवार गौतम देव ने कहा कि मतदाता सूची में नाम हटने (एसआईआर) और प्रशासन से जुड़े मुद्दों के कारण पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा।

कुड़मी-महतो समुदाय को साधा
मध्य बंगाल के जंगल महल क्षेत्र (पुरुलिया, बांकुरा और झारग्राम) में भी टीएमसी का पूरी तरह सफाया हो गया। पुरुलिया की 9, बांकुरा की 12 और झारग्राम की 4 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। विशेषज्ञों का कहना है कि कुड़मी-महतो समुदाय के वोट इस बार भाजपा की ओर चले गए, क्योंकि अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने में देरी से उनमें नाराजगी थी। इससे टीएमसी को नुकसान हुआ। भाजपा ने इस समुदाय से जुड़े नेताओं को उम्मीदवार बनाया, जिससे उसे फायदा मिला।इसके अलावा, आदिवासी वोटों का बंटवारा, रोजगार की कमी के कारण पलायन, टीएमसी में अंदरूनी गुटबाजी और उम्मीदवारों के चयन को लेकर असंतोष भी पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारण बने।पश्चिम बर्धमान जिले की सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा
पश्चिम बर्धमान जिले में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी नौ सीटों पर कब्जा कर लिया। उसने 2021 में टीएमसी द्वारा जीती गई 6 सीटें छीन लीं और बाकी 3 सीटें भी बरकरार रखीं। स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुछ नेताओं के अहंकार और जनता की सेवा की बजाय निजी लाभ पर ध्यान देने से पार्टी की छवि खराब हुई। टीएमसी के पूर्व नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि जनता ने यह जनादेश ‘बंगाल में फिर से उद्योग लाने, रोजगार बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने’ के लिए दिया है। जितेंद्र तिवारी अब भाजपा में हैं और इस बार चुनाव जीत गए हैं।

और पढ़े  सब्जियों की तरह टीटीई बेचते हैं बर्थ': यात्री की मौत पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, रेलवे को दिया कार्रवाई का आदेश

Spread the love
  • Related Posts

    आज से भारत-ब्रिटेन एफटीए लागू,99% भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क, क्या होगा सस्ता?

    Spread the love

    Spread the loveभारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) आज से लागू हो गया है। इसे पिछले कुछ वर्षों में भारत के सबसे बड़े मुक्त व्यापार…


    Spread the love

    ट्रंप की ईरान में सबकुछ तबाह करने की धमकी,ईरान बातचीत करे नहीं तो कुछ नहीं छोड़ेंगे

    Spread the love

    Spread the loveअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटा तो अमेरिका अगले हफ्ते से ईरान के बिजली…


    Spread the love