मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है। विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया गया है।
बता दें कि पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने याचिका दायर की थी। इस याचिका में मुकेश मल्होत्रा पर चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकार्ड की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया था। इसमें कहा गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने उपचुनाव के दौरान जो नामांकन दाखिल किया था, उसमें अपने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई गई। मल्होत्रा पर 6 आपराधिक मामले दर्ज थे जबकि उन्होंने नामांकन में केवल 2 मामले ही बताए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छिपाने को सही माना। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने आदेश देते हुए मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया। भाजपा के प्रत्याशी रहे रामनिवास रावत को दूसरे नंबर पर रहने पर विजयपुर से विधायक घोषित किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्याशी द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी देना बहुत जरूरी है। इससे मतदाता को उम्मीदवार के बारे में सही जानकारी मिलती है, ताकि इसके आधार पर वे निर्णय ले सकें। मुकेश मल्होत्रा ने दो लंबित आपराधिक मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाई और आरोपों की प्रकृति भी गलत बताई। अदालत के अनुसार यह आचरण मतदाताओं को गुमराह करने वाला है। वहीं मुकेश मल्होत्रा ने कार्यकाल शून्य घोषित किए जाने के बाद कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे।








