उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें अपने पिता द्वारा कोरियन संस्कृति के प्रति उनके जुनून को देखते हुए उनके मोबाइल फोन छीनने के बाद से अवसाद में थीं। इस वजह से लड़कियां ऑनलाइन गेम नहीं खेल पा रही थीं और अपने कोरियन दोस्तों से बात नहीं कर पा रही थीं। पुलिस ने बताया कि उनके पिता ने बाद में फोन बेच दिए थे।
वारदात वाली रात बहनों ने लिया था मां का फोन
मां नहीं पिता के नजदीक थी तीनों बहनें
पुलिस कर रही खरीददार का पता
कोरिय के प्रति था गहरा लगाव
दादा ने की कोरियाई गेम पर प्रतिबंध की मांग की
तीन नाबालिग बहनों के दादा ने सरकार से उस कोरियाई टास्क-आधारित गेम पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है, जिसकी लत इन लड़कियों को लगी थी। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम अन्य बच्चों को ऐसे चरम कदम उठाने से रोक सकता है।
पिता का दावा, तीन साल से खेल रही थीं गेम
लड़कियों के पिता, चेतन कुमार ने दावा किया कि वे लगभग तीन साल से एक कोरियाई गेम खेल रही थीं और तब से उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था। इस घटना के मद्देनजर, रविवार को शहर के कई हिस्सों में लोगों ने, जिनमें एक राजनीतिक दल के सदस्य भी शामिल थे, ऑनलाइन गेम और बच्चों पर उनके बढ़ते प्रभाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
ऑनलाइन गेम के खतरों पर चिंता
पश्चिम दिल्ली के सुभाष नगर में प्रदर्शनकारियों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ऐसे गेम खेलने से प्रतिबंधित करने की भी मांग की। नेशनल अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि सरकार को युवा बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के खतरों से बचाने के लिए एक सख्त कानून लाना चाहिए। उन्होंने कहा, “ये ऑनलाइन गेम बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं और उन्हें आत्महत्या की कगार पर धकेल रहे हैं।” पम्मा ने सरकार से ऐसे ऐप्स की बारीकी से निगरानी करने और उन्हें पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “इन खेलों में एक प्रतिबंध मोड होना चाहिए ताकि यदि बच्चे उन्हें एक्सेस करने का प्रयास भी करें, तो वे माता-पिता की अनुमति के बिना ऐसा न कर सकें।”








