ट्रिपल सिस्टर सुसाइड- पुलिस जांच में असल बात आई सामने, रिपोर्ट में आत्महत्या वाली रात की पूरी सच्चाई

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें अपने पिता द्वारा कोरियन संस्कृति के प्रति उनके जुनून को देखते हुए उनके मोबाइल फोन छीनने के बाद से अवसाद में थीं। इस वजह से लड़कियां ऑनलाइन गेम नहीं खेल पा रही थीं और अपने कोरियन दोस्तों से बात नहीं कर पा रही थीं। पुलिस ने बताया कि उनके पिता ने बाद में फोन बेच दिए थे।

 

वारदात वाली रात बहनों ने लिया था मां का फोन
घटना की रात का सच घटना की रात, बहनों ने अपनी मां का फोन लिया, लेकिन उस पर कोरियन ऐप का उपयोग नहीं कर सकीं। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया, लेकिन कोरियन ऐप तक पहुंच का कोई सबूत नहीं मिला। उंगलियों के निशान, हस्तलिखित सुसाइड नोट और संदेशों को फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है।

 

मां नहीं पिता के नजदीक थी तीनों बहनें
पारिवारिक पृष्ठभूमि और जांच के पहलू जांच में यह भी सामने आया है कि पिता चेतन कुमार की 2015 में एक लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसे पुलिस ने आत्महत्या मानकर खारिज कर दिया था। मरने वाली बहनों, निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) की अपने पिता से मांओं की तुलना में अधिक निकटता थी, जैसा कि उन्होंने सुसाइड नोट में पिता का उल्लेख करके दर्शाया। 

 

पुलिस कर रही खरीददार का पता
साइबर अपराध टीमें आईएमईआई नंबरों के माध्यम से खरीदारों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं ताकि कोरियन ऐप से संबंधित डेटा प्राप्त किया जा सके। पुलिस मामले को आत्महत्या मान रही है और पिता के दावों की सत्यता की जांच कर रही है।

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कोरिय के प्रति था गहरा लगाव
सबूत और आगे की कार्रवाई घटनास्थल से बरामद नौ पन्नों की एक पॉकेट डायरी से कोरियन संस्कृति के प्रति गहरे लगाव और कथित पारिवारिक कलह का पता चलता है। पुलिस सभी संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। तीनों बहनों का बुधवार शाम दिल्ली के निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया था।

 

दादा ने की कोरियाई गेम पर प्रतिबंध की मांग की
तीन नाबालिग बहनों के दादा ने सरकार से उस कोरियाई टास्क-आधारित गेम पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है, जिसकी लत इन लड़कियों को लगी थी। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम अन्य बच्चों को ऐसे चरम कदम उठाने से रोक सकता है।

 

पिता का दावा, तीन साल से खेल रही थीं गेम
लड़कियों के पिता, चेतन कुमार ने दावा किया कि वे लगभग तीन साल से एक कोरियाई गेम खेल रही थीं और तब से उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था। इस घटना के मद्देनजर, रविवार को शहर के कई हिस्सों में लोगों ने, जिनमें एक राजनीतिक दल के सदस्य भी शामिल थे, ऑनलाइन गेम और बच्चों पर उनके बढ़ते प्रभाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

 

ऑनलाइन गेम के खतरों पर चिंता
पश्चिम दिल्ली के सुभाष नगर में प्रदर्शनकारियों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ऐसे गेम खेलने से प्रतिबंधित करने की भी मांग की। नेशनल अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि सरकार को युवा बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के खतरों से बचाने के लिए एक सख्त कानून लाना चाहिए। उन्होंने कहा, “ये ऑनलाइन गेम बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं और उन्हें आत्महत्या की कगार पर धकेल रहे हैं।” पम्मा ने सरकार से ऐसे ऐप्स की बारीकी से निगरानी करने और उन्हें पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “इन खेलों में एक प्रतिबंध मोड होना चाहिए ताकि यदि बच्चे उन्हें एक्सेस करने का प्रयास भी करें, तो वे माता-पिता की अनुमति के बिना ऐसा न कर सकें।”

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