हादसे के तुरंत बाद एंबुलेंस और निजी वाहनों से घायलों को एक-एक कर अस्पताल लाया गया जिससे इमरजेंसी वार्ड के बाहर लगातार हलचल बनी रही। करीब 15 परिजन अस्पताल परिसर में मौजूद रहे जो बार-बार डॉक्टरों से इलाज और मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी लेते दिखे। कई लोग घबराए और परेशान नजर आए जबकि अस्पताल का स्टाफ इलाज और व्यवस्थाओं में जुटा रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय रहा। उपायुक्त आयुष सिन्हा, अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान और पर्यटन विभाग के एमडी पार्थ गुप्ता देर रात तक अस्पताल में मौजूद रहे और इलाज की व्यवस्थाओं पर नजर रखते रहे। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और परिजनों को ढांढस बंधाया।
रात करीब नौ बजे हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। अस्पताल प्रशासन को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पलवल के एसपी ने दी निरीक्षक को श्रद्धांजलि
सूरजकुंड मेले में ड्यूटी के दौरान झूला हादसे में घायल लोगों को बचाते हुए जिला पुलिस के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद शहीद हो गए। पलवल पुलिस अधीक्षक पलवल वरुण सिंगला ने उनकी शहादत को नमन करते हुए कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने अपनी जान की परवाह किए बिना नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, जिसे पुलिस विभाग कभी नहीं भूलेगा।
पुलिस प्रवक्ता संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने विभाग में 36 वर्षों तक सेवा दी। हाल ही में उनका स्थानांतरण चांदहट थाना प्रभारी से जिला पुलिस लाइन किया गया था और 31 मार्च को वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनकी शहादत पूरे जिले के लिए अपूरणीय क्षति है।
सूरजकुंड मेले में सुनामी झूला टूटा, 13 घायल, बचाव में जुटे निरीक्षक की मौत
फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले के झूला ग्राउंड में शनिवार शाम करीब सवा छह बजे नाव नुमा सुनामी झूला एक तरफ से टूटकर गिर गया। झूले पर 15 से अधिक लोग सवार थे। हादसे में 13 लोग घायल हो गए जबकि बचाव कार्य के दौरान पलवल पुलिस लाइन में तैनात 27वीं एचएपी के निरीक्षक जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। घटना के बाद मेले में कुछ देर के लिए दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला ऊपर-नीचे चल रहा था तभी एक तरफ का हिस्सा टूटकर जमीन पर गिर पड़ा। इससे झूले में बैठे लोग घबराकर नीचे उतरने की कोशिश करने लगे। इस दौरान आसपास खड़े लोग मदद के लिए दौड़े। मौके पर मौजूद सुरक्षा बल भी तुरंत सक्रिय हो गया।
इसी दौरान झूला दूसरी बार टूटकर गिर गया। इसकी चपेट में कई लोग आ गए जिनमें निरीक्षक जगदीश के चेहरे और सिर पर गंभीर चोट आई। इससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस ने अस्पताल जाने वाली सड़क को अस्थायी रूप से बंद कर यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया। अस्पताल परिसर में भी भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि भीड़ नियंत्रित रहे।
बचाव के लिए आए लोग ही हुए घायल
हादसे के बाद झूले से लोगों को उतारने व बचाव के लिए आस-पास मौजूद पुलिसकर्मी, स्टॉल संचालक व अन्य लोग पहुंचे। सभी लोग बचाव कार्य में लगे ही थे कि झूला पूरी तरह से नीचे गिर गया, जिससे कई लोगों को चोट लगी। मृतक निरीक्षक के अलावा घायलों में दो पुलिसकर्मी व कई आस-पास की स्टॉल पर काम करने वाले लोग हैं।
आरोपियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता भी मेला परिसर के अलावा अस्पताल पहुंचे। पुलिस आयुक्त ने यहां घायलों और उनके परिवार वालों से बात की। पुलिस आयुक्त ने उन्हें भरोसा दिया कि हर संभव मदद की जाएगी और जांच कर आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मेला परिसर के झूला क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हमारी सबकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है।
यह लोग हुए घायल
हादसे में 13 घायलों में सहायक उपनिरीक्षक नीलय निवासी बादशाहपुर, महेंद्रगढ़ जिले के आरोहा निवासी सुनील, ग्रेटर नोएडा के निवासी हर्ष प्रकाश, राजस्थान के धौलपुर जिले के दूबेपुर थाना क्षेत्र निवासी प्रशांत, फरीदाबाद पार्ट-2 की अनिशा (पुत्री जितेंद्र), नोएडा सेक्टर-78 स्थित विरोना टावर निवासी शिवानी (पुत्री रमेश) तथा परविंदर शामिल हैं। इनमें से 9 लोगों को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि 4 घायलों को बीके जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय दुकानदार राघव ने बताया कि बचाव कार्य के दौरान उनके ऊपर भी लोहे की ग्रील गिर गई जिससे उनके कंधे में चोट लगी। उन्होंने करीब सात लोगों को बचाने में मदद की जबकि बाकी लोगों को पुलिस ने बाहर निकाला।
मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। झूले के वेंडर और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए पहले से गठित जांच समिति रोजाना निरीक्षण कर रही थी। उन्होंने बताया कि झूला टूटने के बाद निरीक्षक जगदीश ने लोगों को बचाने के लिए बहादुरी से प्रयास किया लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गए जिससे उनकी जान चली गई।-आयुष सिन्हा, उपायुक्त