कमल ध्यानी: गड्ढे में गिरे इंसान को देख नहीं जगी इंसानियत, मदद के बजाय बनाते रहे वीडियो, महिला ने बताई हकीकत

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दिल्ली के जनकपुरी इलाके में जलबोर्ड के किए गए गड्ढे में युवक की बाइक सहित गिरने की जानकारी अल सुबह होने पर भी लोग पुलिस को सूचना देने से कतराते रहे। तमाशबीन की तरह खड़े होकर वहां फोन से वीडियो बनाने और फोटो खींचने में लगे रहे। 

यह कहना है कि उस महिला का, जिसने कमल को गड्ढे में गिरा हुआ देखकर सबसे पहले पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि बच्चे को स्कूल ले जाने के दौरान उसे युवक के गड्ढे में गिरने का पता चला।

महिला परिजनों के साथ सागरपुर इलाके में रहती हैं। उनका बेटा आंध्रा सोसाइटी से संचालित स्कूल में पढ़ता है। महिला ने बताया कि वह रोजाना सुबह बेटे को लेकर स्कूल उसी रास्ते जाती हैं जहां जलबोर्ड की ओर गड्ढा किया गया है।

शुक्रवार को वह वहां से गुजर रही थी तो उसने गड्ढे में बाइक देखी। नजदीक जाने पर उन्हें युवक दिखाई दिया। उसने तुरंत आसपास मौजूद रिक्शा चालक सहित अन्य लोगों को यह जानकारी दी। इसका पता चलते ही वहां काफी लोग जमा हो गए लेकिन किसी ने भी पुलिस को फोन नहीं किया।

 

काफी भीड़ जमा थी लेकिन पुलिस नहीं पहुंची थी
स्कूल में बेटे को छोड़कर लौटी तो वहां काफी भीड़ जमा थी लेकिन पुलिस नहीं पहुंची थी। इस पर उसने खुद ही पुलिस को फोन किया। हालांकि पहले लगा कि सूचना देने पर पुलिस उसे थाने बुलाएगी, पूछताछ करेगी लेकिन मन नहीं माना और पुलिस को सूचना दी।

 

रात 12:22 बजे पता चल गया था युवक गड्ढे में गिरा, पुलिस को नहीं दी सूचना
दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड की ओर से खोदे गए गड्ढे में बाइक सवार कमल ध्यानी के गिरने की सूचना अधिकारियों को नहीं देने के आरोप में उप-ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति (47) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस गार्ड योगेश को भी तलाश रही है, जिसने घटना की जानकारी उप ठेकेदार को दी थी। हादसे के बाद से वह लापता है। इस बीच, कमल के परिजनों ने पुलिस और जल बोर्ड के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला किया है।

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पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दराडे शरद भास्कर ने बताया कि जांच में पता चला कि पुलिस के पता चलने से पहले उप ठेकेदार राजेश कुमार को पता था कि कोई व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है। पुलिस के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शी विपिन सिंह ने बाइक सवार को गड्ढे में गिरते देखा तो गैरेज के सुरक्षा गार्ड को सूचना दी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गार्ड ने तुरंत योगेश नामक गार्ड को बताया, जिसने देखा कि गड्ढे में कोई गिरा है। योगेश ने रात करीब 12:22 बजे राजेश को सूचना दी। राजेश मौके पर तो पहुंचा, लेकिन न तो उसने पुलिस को सूचित किया न आपातकालीन प्राधिकरण को जानकारी दी।
उपायुक्त भास्कर ने बताया कि यूपी निवासी योगेश और गार्ड को पुलिस तलाश रही है। घटनाक्रम का सटीक पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है।
जल बोर्ड के 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर बाइक सवार युवक की मौत
नोएडा में इंजीनियर की मौत का मामला शांत भी नहीं हुआ कि अब राजधानी दिल्ली में जल बोर्ड की ओर से खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत हो गई। जनकपुरी वी-ब्लॉक में 20 फीट गहरे गड्ढे में बृहस्पतिवार रात गिरे युवक ने मदद न मिलने पर तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

जनकपुरी थाने में ठेकेदार और जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दिल्ली सरकार ने जांच समिति बनाते हुए जल बोर्ड के कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है।

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मूलरूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पोखरा गांव निवासी कमल ध्यानी (25) परिवार के साथ पालम के कैलाशपुरी में रहते थे। वह रोहिणी में एचडीएफसी के कॉल सेंटर में कार्यरत थे। भाई करण ने बताया, रात 11:53 बजे कमल ने फोन पर बताया कि वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास पहुंच गया है, 10-15 मिनट में घर पहुंच जाएगा।

इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल पाया। अनहोनी की आशंका में परिवार रातभर उसे तलाशता रहा, लेकिन सुबह उसकी मौत की खबर मिली। पुलिस उपायुक्त दरादे शरद भास्कर ने बताया कि शुक्रवार सुबह 8:03 बजे पुलिस ने दमकलकर्मियों की मदद से कमल को गड्ढे से निकाला। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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