बिहार सरकार ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया, जिसमें कुल आकार 3,47,589.78 करोड़ रुपये रखा गया है। राज्य सरकार का दावा है कि बिहार तेजी से प्रगति कर रहा है और चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बजट पेश करते हुए केंद्र की ओर से बिहार को मिली “उदार सहायता” के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के “दूरदर्शी” नेतृत्व की भी सराहना की, जो समावेशी विकास पर केंद्रित है। मंत्री ने सदन को बताया, ‘वर्ष 2026-27 के लिए बजट का आकार 3,47,589.78 करोड़ रुपये है, जो 2025-26 के 3,16,895.02 करोड़ रुपये की तुलना में 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है। राजकोषीय घाटा लगभग 39,400 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.99 प्रतिशत है।’
उन्होंने कहा, ‘इस सदन की ओर से मैं प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिनके नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। पिछले वर्ष के केंद्रीय बजट में बिहार को कई सौगातें मिलीं, जिनमें नए हवाई अड्डे, मखाना बोर्ड और अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। राज्य सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में रहा है और 2024-25 में इसकी वृद्धि दर लगभग 14.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। हमें आशा है कि शीघ्र ही हम देश के शीर्ष राज्यों में शामिल होंगे।’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की तारीफ
जदयू नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान” इन पांच तत्वों का प्रतीक बताया, जो विकसित बिहार की दिशा में समावेशी प्रगति और न्याय के साथ विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। मंत्री ने महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री के विशेष जोर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हाल में शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना इसका ताजा उदाहरण है। इस योजना के तहत कुल 1.56 करोड़ महिलाओं को 10,000-10,000 रुपये दिए गए हैं। जिन्होंने इस राशि का उपयोग व्यवसाय शुरू करने में किया है, उन्हें शीघ्र ही दो लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
योजना व्यय और प्रमुख विभागों को बजट आवंटन
बजट के मुताबिक, वार्षिक योजना व्यय लगभग 1.22 लाख करोड़ रुपये है। इसमें प्रमुख विभागों का आवंटन इस प्रकार है:
- ग्रामीण विकास विभाग: 18.33%
- शिक्षा: 15.02%
- स्वास्थ्य: 8.21%
- शहरी विकास एवं आवास: 7.77%
- ग्रामीण कार्य: 7.29%
- सामाजिक कल्याण: 6.86%
अनुसूचित जाति विशेष घटक योजना के लिए 19,603.02 करोड़ रुपये और जनजातीय उप-योजना के लिए 1,648.41 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि ‘माइनर हेड’ के तहत चिह्नित की गई है ताकि इसे केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के लाभार्थियों पर ही खर्च किया जा सके। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के सामाजिक कल्याण के लिए 13,202.38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वित्तीय स्थिति और विकास लक्ष्य
बजट में राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत बताया गया है। इसमें कहा गया है कि 2024-25 में राजस्व घाटा जीएसडीपी का केवल 0.04 प्रतिशत रहा, जबकि राजकोषीय घाटा 4.16 प्रतिशत रहा, जो निर्धारित 3.0 प्रतिशत की सीमा से अधिक है। मंत्री ने बताया कि सरकार ने अगले पांच साल में राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। तेज औद्योगिक विकास के लिए पांच लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 में राज्य की अपनी राजस्व प्राप्तियां 75,202.98 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसमें कर राजस्व का हिस्सा 65,800 करोड़ रुपये होगा।
किसानों और कलाकारों को मिलेगी आर्थिक मदद
सरकार ने उन वरिष्ठ कलाकारों के लिए जो अब कमज़ोर और आर्थिक रूप से तंगी में हैं, एक नई योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र कलाकारों को हर महीने 3,000 रुपये पेंशन दी जाएगी ताकि वे आराम से और सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें। किसान भाइयों के लिए भी सरकार ने नई मदद की योजना जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि बनाई है। इस योजना के तहत किसानों को साल में 3,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे, ठीक वैसे ही जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिलती है। सरकार ने आने वाले वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है।









