Bihar: पूजा के दौरान बड़ा हादसा, 2 बच्चों की मौत, प्रसाद का इंतजार कर रही भीड़ पर गिरी पेड़ की भारी भरकम डाल

Spread the love

मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के मिठनसराय गांव में पूजा के दौरान ब्रह्मस्थान पर अचानक पेड़ का बड़ा हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

 

प्रसाद लेने जुटे थे लोग, तभी गिरा पेड़
जानकारी के अनुसार, पूजा संपन्न होने के बाद सभी लोग प्रसाद ग्रहण करने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान अचानक ब्रह्मस्थान परिसर में खड़े पेड़ का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
पेड़ गिरते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पेड़ के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालकर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

दो बच्चों की मौके पर मौत
गांव में हुए हादसे में दो बच्चों की मौके पर मौत हो गई है जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में और अन्य अस्पताल में कराया जा रहा है। इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त मौके पर सौ की संख्या में लोग मौजूद थे। हादसे के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पेड़ के बड़े हिस्से में दबे हुए लोगों को बाहर निकाला।

और पढ़े  Bihar- भावुक कर देगी लक्ष्मी की कहानी- पैरों से लिखती है अपनी तकदीर, शिक्षिका बनने का सपना

 

 

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
घटना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूजा समाप्त हो चुकी थी और सभी लोग धीरे-धीरे ब्रह्मस्थान की ओर प्रसाद ग्रहण करने के लिए आ रहे थे। पंडित जी ने प्रसाद ग्रहण किया और इसी दौरान अचानक सैकड़ों साल पुराने पीपल के पेड़ की एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने किसी तरह नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला।

सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़, चबूतरे ने बचाईं कई जानें
ग्रामीणों ने बताया कि यह ब्रह्मस्थान गांव का बेहद प्राचीन धार्मिक स्थल है और सैकड़ों वर्षों से यह पीपल का पेड़ उनकी आस्था और परंपरा का केंद्र रहा है। यहां पूर्वजों के समय से पूजा-अर्चना होती आ रही है और आज भी उसी परंपरा का निर्वहन किया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के समय तेज हवा भी नहीं चल रही थी, फिर भी अचानक पेड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। उन्होंने बताया कि पेड़ के पास और उसकी जड़ों के आसपास एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है। इसी चबूतरे की वजह से कई लोगों की जान बच गई, अन्यथा इस हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।


Spread the love
  • Related Posts

    Bihar: न्यायिक जांच में उजागर हुआ पुलिस का अपराध, भरत तिवारी के एक परिजन को नौकरी, परिवार को मदद भी

    Spread the love

    Spread the loveसिस्टम के खिलाफ लड़ने वाले भरत तिवारी का फर्जी एनकाउंटर हुआ था। एक तरह से यह बात बिहार सरकार ने स्वीकार कर ली है। पहले इस कांड के…


    Spread the love

    Bihar- भावुक कर देगी लक्ष्मी की कहानी- पैरों से लिखती है अपनी तकदीर, शिक्षिका बनने का सपना

    Spread the love

    Spread the loveकटिहार के हसनगंज की कक्षा चार की छात्रा लक्ष्मी जन्म से दोनों हाथों से वंचित हैं, लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक कमी को पढ़ाई की राह में बाधा नहीं…


    Spread the love